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झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत: जानें उनका आपराधिक इतिहास

झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। सुजीत का आपराधिक इतिहास कई गंभीर मामलों से भरा हुआ है, जिसमें हत्या और रंगदारी शामिल हैं। उनकी मौत ने झारखंड के अपराध जगत में एक महत्वपूर्ण अध्याय को समाप्त कर दिया है। जानें सुजीत सिन्हा के जीवन और अपराधों के बारे में विस्तार से, और कैसे उन्होंने अपने करियर में खौफनाक पहचान बनाई।
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रांची में गैंगस्टर की मौत


रांची: झारखंड से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जिसमें कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, जेल में स्थानांतरण के दौरान पुलिस और सुजीत के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया। सुजीत सिन्हा लंबे समय से झारखंड के अपराध जगत में एक प्रमुख नाम था और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे। आइए जानते हैं गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के आपराधिक इतिहास के बारे में। 


जन्म और परवरिश

सुजीत सिन्हा का जन्म पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड के पथरा गांव में हुआ था, लेकिन उसकी परवरिश मेदिनीनगर के श्रीरामपथ इलाके में हुई। उसके परिवार में एक बड़ा भाई, एक बहन और पत्नी रिया सिन्हा शामिल हैं। रिया भी आपराधिक मामलों में जेल में बंद है, जबकि उसकी मां बड़े बेटे के साथ दूसरे शहर में रहती हैं। सुजीत पहली बार 2007 में सुर्खियों में आया, जब पलामू में टेंडर विवाद के चलते अनिल और भूषण सिंह नामक दो भाइयों की हत्या कर दी गई थी।


दोहरे हत्याकांड और सजा


इस दोहरे हत्याकांड में सुजीत का नाम सामने आने के बाद उसने अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाई और इलाके में उसका खौफ बढ़ गया। 2019 में पलामू की अदालत ने उसे इसी मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पुलिस के अनुसार, वह पहले भी फायरिंग के एक मामले में जेल जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसने रंगदारी और संगठित अपराध के जरिए अपने नेटवर्क को और मजबूत किया।


मामलों की संख्या

2024 में सुजीत के खिलाफ 45 से अधिक मामले दर्ज थे, लेकिन उनमें से 16 से अधिक मामलों में वह बरी हो गया था। इसके बावजूद उसके खिलाफ कई नए मामले दर्ज हुए। पुलिस जांच में उसका नाम कोयलांचल के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क से भी जुड़ा पाया गया था।


गैंगस्टर का अंत

पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष से रंगदारी मांगने का मामला भी काफी चर्चित रहा, लेकिन उस केस में भी उसे अदालत से राहत मिल गई थी। अब पुलिस का कहना है कि सुजीत सिन्हा लंबे समय तक रंगदारी, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सक्रिय रहा है। उसकी मौत के साथ झारखंड के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में से एक का अध्याय समाप्त हो गया है।