झारखंड में छात्र आंदोलन: विधानसभा घेराव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
रांची में छात्र प्रदर्शन की स्थिति
रांची. झारखंड की राजधानी में छात्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा तक मार्च निकालने की योजना बना रहे हैं। सरकार ने छात्रों से बातचीत की कोशिश की है और उनसे अपील की है कि वे मार्च न करें। विधानसभा के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया गया है और बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है।
छात्रों का आंदोलन अब आधे महीने से चल रहा है। रविवार को, सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ लगभग पांच घंटे तक बातचीत की। सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों को सुना और इस पर सहमति भी जताई। हालांकि, बातचीत के बाद भी छात्र आंदोलन को समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं, क्योंकि कई मुद्दों पर पेच फंस गया है।
दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को देखते हुए झारखंड सरकार सतर्क है। पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने की बात कही है। इसको ध्यान में रखते हुए, विधानसभा परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 500 जैप और आईआरबी जवानों को तैनात किया है। इसके अलावा, विधानसभा के आसपास 200 महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक आवश्यक न हो, तब तक बल प्रयोग नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा इंतजाम
छात्रों द्वारा विधानसभा घेराव की धमकी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह से तैयार किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
