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झारखंड में छात्रों का आंदोलन: देवेंद्र नाथ महतो की अस्पताल से वापसी की मांग

झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 19 दिनों से जारी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती हैं, और छात्रों ने उनकी वापसी की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि महतो की उपस्थिति से आंदोलन को मजबूती मिलती है। महतो ने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी है। जानें इस आंदोलन की पूरी कहानी और महतो की स्थिति के बारे में।
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छात्रों का आंदोलन जारी


नई दिल्ली: झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इस आंदोलन का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं, जो फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की है कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर आंदोलन स्थल पर वापस भेजा जाए।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी आवाजें

गुरुवार को छात्र नेताओं राम अवतार महतो और मुकेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल में जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतो की उपस्थिति आंदोलन को मजबूती प्रदान करती है और उनके अस्पताल में रहने से छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है। छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि यदि महतो को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है, तो उनकी मेडिकल रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए।


19 दिनों से चल रहा आंदोलन

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ झारखंड में छात्र पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। देवेंद्र नाथ महतो ने करीब 11 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद विधानसभा तक निकाले गए प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।


अस्पताल में उपचार के दौरान महतो ने रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र उनके साथ इस आंदोलन में खड़े हैं और वह खुद को इससे अलग नहीं रखना चाहते।


सोशल मीडिया पर भावनाएं

महतो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि अस्पताल में उनका शरीर इलाज कर रहा है, लेकिन उनकी आत्मा उस सत्याग्रह स्थल पर है, जहां छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छात्र नेता अब महतो की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की अनुमति का इंतजार जारी है।