झारखंड में छात्रों का आंदोलन: बैरिकेड तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
छात्रों का आंदोलन
रांची- झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन सोमवार को विभिन्न तरीकों से देखा गया। छात्रों ने विधानसभा की ओर बढ़ते हुए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और कच्चे रास्तों से आगे बढ़े। उन्होंने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की, जिसके जवाब में प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया।
अनशनकारी नेता का समर्थन
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के स्वयंसेवक भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे। जयपाल सिंह स्टेडियम में नौ दिनों से अनशन पर बैठे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो को उनके समर्थकों ने कपड़े और डंडे से बनी पालकी में कंधों पर उठाकर विधानसभा के निकट पहुंचाया। एंबुलेंस से जाते समय उन्हें जगन्नाथपुर मंदिर के पास रोका गया।
प्रदर्शन की स्थिति
समर्थकों ने देवेंद्र को कंधों पर उठाकर कुछ दूरी तक ले जाने के बाद, वह पालकी पर बैठकर धरना स्थल तक पहुंचे। उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर थी। विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के बाद, जेएलकेएम के विधायक भी छात्रों के बीच पहुंचे और उनसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की।
प्रदर्शन का विस्तार
प्रशासन ने छात्रों को रोकने के लिए कई स्तर पर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे। छात्रों ने एक-एक कर आठ बैरिकेड्स को तोड़ दिया और कई छात्र कच्चे रास्तों से विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। कुछ स्थानों पर छात्रों ने बैरिकेड्स को हटा दिया और आगे बढ़ते रहे।
प्रतिनिधियों की अपील
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रिफॉर्म मोर्चा के प्रतिनिधि छात्रों के बीच पहुंचे और उनसे विधानसभा की ओर आगे नहीं बढ़ने की अपील की। उन्होंने छात्रों से जगन्नाथ मंदिर तक मार्च करने और वहीं धरना देने का सुझाव दिया। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों की पहचान करने की भी अपील की गई।
विरोध का अनोखा अंदाज
आंदोलन में विरोध का एक अलग रंग भी देखने को मिला, जहां कुछ प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन और वनमानुष की वेशभूषा में आए। उनके हाथों में संदेश लिखे हुए थे। प्रदर्शन की ड्रोन से रिकॉर्डिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। रिफॉर्म मोर्चा के स्वयंसेवक भीड़ को संभालने में लगे रहे। छात्रों का प्रदर्शन अब विधानसभा के आसपास के क्षेत्रों तक फैल चुका है।
