झारखंड में जंगली जानवरों के हमले से प्रभावितों को मिलेगा 10 लाख का मुआवजा
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय
झारखंड में जंगली जानवरों के हमलों में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों को अब 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। पहले, ऐसे मामलों में चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता था।
सरकार की नई मुआवजा वितरण प्रक्रिया
सरकार ने मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत पीड़ित परिवारों को प्रारंभिक सहायता राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। गंभीर रूप से घायल होने पर दो लाख रुपये, सामान्य घायल होने पर 35 हजार रुपये और स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 3.50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
राज्य कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को आकस्मिक आर्थिक जरूरतों के लिए एडवांस वेतन और आसान ऋण सुविधा देने का निर्णय भी लिया है। इसके तहत राज्यकर्मी आवश्यकता पड़ने पर महीने के बीच में अपनी तनख्वाह का अग्रिम हिस्सा प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (एनबीएफसी) के माध्यम से संचालित होगी।
कर्मचारियों को राहत देने वाली योजनाएं
सरकार का दावा है कि इससे कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। योजना के तहत कर्मचारी 30 दिनों तक के लिए वेतन अग्रिम ले सकेंगे। यदि राशि उसी वेतन चक्र में लौटा दी जाती है तो कोई ब्याज या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इसके अलावा, लंबी अवधि के लिए भी आसान किस्तों पर ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान में एकरूपता लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा, पलामू जिले की अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। रांची में नामकुम से डोरंडा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 162.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
खनन क्षेत्र में नए प्रस्ताव
कैबिनेट ने गोड्डा और बोकारो समाहरणालयों में कार्यरत कुछ कर्मियों की सेवा नियमित करने का निर्णय लिया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अनुशंसा पर मोटरयान निरीक्षक पद के अभ्यर्थियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, बोकारो जिले के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए खनन पट्टों को मंजूरी दी गई।
महिला हेल्पलाइन और अन्य प्रस्ताव
महिला हेल्पलाइन 181 की सेवाओं को जारी रखने, झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि बढ़ाने, बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल गठित करने और वन विभाग में कार्यान्वयन के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
