झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा घोटाला: 11 उम्मीदवारों से एक करोड़ रुपये की वसूली
झारखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा घोटाले का खुलासा
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा घोटाला: सीआईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा में सफल कराने के नाम पर 11 उम्मीदवारों से लगभग एक करोड़ रुपये की वसूली की गई है। आरोपियों के लैपटॉप से 24 अभ्यर्थियों के नामों की सूची भी प्राप्त हुई है, जिनमें से 11 उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में सफल हुए हैं।
सीआईडी ने इस मामले में विशेष अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंक लेन-देन से संबंधित तथ्य सामने आए हैं। चार्जशीट में आरोपियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
रिजल्ट से पहले मिली अभ्यर्थियों की सूची
रिजल्ट से पहले मिली उम्मीदवारों की सूची
जांच के अनुसार, आरोपियों के लैपटॉप में मिली 24 अभ्यर्थियों की सूची रिजल्ट जारी होने से लगभग 24 घंटे पहले की है। इनमें से 11 उम्मीदवारों से कथित तौर पर पैसे लिए गए थे और वे पीटी परीक्षा में सफल भी हुए। उम्मीदवारों की भूमिका की जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।
आरोपियों की भूमिका
आरोपियों पर क्या हैं आरोप?
रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार पर तत्कालीन JPSC अध्यक्ष से संपर्क रखने और अयोग्य उम्मीदवारों के नाम मेरिट सूची में शामिल कराने का आरोप है। अरुण कुमार पर परीक्षा पास कराने की गारंटी देकर एडवांस रकम लेने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा, रमेश कुमार पर माफिया और उम्मीदवारों के बीच संपर्क कराने तथा OMR शीट में हेरफेर का आरोप है। उमेश कुमार पर लेन-देन और दस्तावेजों का हिसाब रखने, जबकि उमाकांत उरांव पर उम्मीदवारों को माफिया से जोड़ने का आरोप है। पूर्व JPSC सदस्य के तत्कालीन पीए ब्रज कुमार राम पर भी वसूली का आरोप है।
