टाइगर श्रॉफ पर हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे
मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमला
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम को हुए जानलेवा हमले की जांच में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका असली निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं थे। दरअसल, वे किसी अन्य प्रमुख हस्ती को मारने के इरादे से मुंबई आए थे। जब उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई, तो उन्होंने टाइगर को अपना नया निशाना बना लिया।
असली लक्ष्य तक पहुंचना हुआ मुश्किल
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हमलावर एक अन्य वीआईपी व्यक्ति की हत्या की योजना बनाकर आए थे। जब उन्हें यह समझ में आया कि उस व्यक्ति की सुरक्षा को भेदना संभव नहीं है, तो उन्होंने किसी अन्य प्रसिद्ध चेहरे को निशाना बनाने का निर्णय लिया। आरोपियों ने यह भी बताया कि टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा में कोई खास बाधा नहीं थी, जिससे उन्हें उसे निशाना बनाना आसान लगा।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावर फिल्म उद्योग में आतंक और सनसनी फैलाना चाहते थे। उन्होंने टाइगर श्रॉफ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनके फैंस द्वारा साझा किए गए वीडियो के माध्यम से अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी। जब उन्हें टाइगर के दैनिक रूटीन का पूरा अंदाजा हो गया, तब उन्होंने इस खतरनाक हमले को अंजाम देने का फैसला किया।
18 अक्टूबर को हुई फायरिंग
यह घटना 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू क्षेत्र में पुष्पा नर्सी पार्क के पास हुई, जब बाइक पर सवार तीन हमलावरों ने अभिनेता की गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में 36 वर्षीय टाइगर श्रॉफ तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। मुंबई क्राइम ब्रांच अब हथियारों के स्रोत, संदिग्धों की गतिविधियों और वायरल धमकी भरी ऑडियो क्लिप की गहनता से जांच कर रही है।
