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टायरों की कीमतों में बढ़ोतरी, वाहन चालकों पर पड़ेगा असर

जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने टायरों की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है, जो त्योहारी सीजन में वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए एक नई चुनौती बन सकता है। कंपनी का कहना है कि यह कदम कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और कंटेनर ढुलाई खर्चों के कारण उठाया गया है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी ने पहले ही कीमतें बढ़ाई हैं, और अब तीसरी तिमाही में भी बढ़ोतरी की योजना है। इस बीच, बड़े रिम वाले टायरों की मांग में वृद्धि जारी है।
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नई दिल्ली में टायरों की कीमतों में वृद्धि

नई दिल्ली: त्योहारी मौसम के चलते वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए एक नई चुनौती सामने आई है। प्रमुख टायर निर्माता कंपनी जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने टायरों की कीमतों में वृद्धि का ऐलान किया है। कंपनी ने अक्टूबर से दिसंबर की तीसरी तिमाही में टायरों के दाम में 4 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की योजना बनाई है। प्रबंधन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और कंटेनर ढुलाई खर्चों के प्रभाव को देखते हुए उठाया गया है।


तीसरी तिमाही में कीमतों में वृद्धि की योजना

कीमतों में बढ़ोतरी का कारण
जेके टायर के प्रबंध निदेशक अंशुमान सिंघानिया ने बताया कि कंपनी ने पहले भी लागत के दबाव को कम करने के लिए पहली तिमाही में 5 प्रतिशत और दूसरी तिमाही में 7 प्रतिशत की वृद्धि की थी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिससे कच्चे माल की लागत में वृद्धि हो रही है और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में व्यवधान आ रहा है। इसके अलावा, कंटेनर फ्रेट दरें भी उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।


कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर असर

मुनाफे में गिरावट
कच्चे माल और ढुलाई खर्चों में वृद्धि का असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भी पड़ा है। जुलाई-सितंबर की अवधि में, जेके टायर का टैक्स के बाद समेकित शुद्ध मुनाफा 71.5 प्रतिशत घटकर 65.11 करोड़ रुपये रह गया। एबिटा (EBITDA) मार्जिन भी 13.3 प्रतिशत से घटकर 7.1 प्रतिशत पर आ गया है। सिंघानिया ने बताया कि दूसरी तिमाही में कच्चे माल की लागत पहली तिमाही की तुलना में 9 प्रतिशत बढ़ी है।


बड़े रिम वाले टायरों की मांग में वृद्धि

बाजार की स्थिति
कंपनी के प्रबंधन के अनुसार, तीसरी तिमाही में कच्चे माल की कीमतों में 4 से 5 प्रतिशत की और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे टायरों के दाम बढ़ाना आवश्यक हो गया है। हालांकि, सकारात्मक पहलू यह है कि बड़े रिम वाले टायरों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। नई गाड़ियों में ओरिजिनल इक्विपमेंट (OEM) और पुराने टायरों के प्रतिस्थापन के लिए प्रीमियम और बड़े टायरों की बिक्री में सुधार देखा जा रहा है।