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ट्रंप का दावा: मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पिछले साल दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं, लेकिन उनकी टैरिफ की धमकी ने स्थिति को नियंत्रित किया। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल आठ युद्धों को रोका है। इस लेख में ट्रंप के दावों और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया के बारे में विस्तार से जानें।
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ट्रंप का नया दावा


अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर किया दावा, भारत शुरू से ही करता आया है इंकार


डोनाल्ड ट्रंप (वॉशिंगटन): अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले साल जून में, दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं, लेकिन तीन दिन बाद ही दोनों ने सीजफायर की घोषणा की।


हालांकि, दोनों पक्षों ने कहा कि यह निर्णय आपसी बातचीत के बाद लिया गया था। इसके कुछ समय बाद, ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उन्होंने युद्ध को टालने में मदद की। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर यह युद्ध रोका। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देश लड़ाई जारी रखते, तो वह उन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बना रहे थे।


आठ युद्धों को रोका

मैंने कुल मिलाकर आठ युद्ध रुकवाए


ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने आठ युद्धों को रोका, जिनमें से पांच केवल टैरिफ की चेतावनी देकर टाले गए। उन्होंने भारत और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश युद्ध की कगार पर थे, लेकिन आर्थिक दबाव की चेतावनी के बाद स्थिति में सुधार हुआ। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब वह अपनी व्यापार नीति को एक प्रभावी कूटनीतिक उपकरण के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने अमेरिका के दावे को सही बताया था


ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनकी भूमिका की सराहना की थी। ट्रंप के अनुसार, शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने इस युद्ध को रोककर लगभग तीन करोड़ लोगों की जान बचाई। इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान 11 विमान गिराए गए थे और दोनों देश व्यापक युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।