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ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान: जेनेरिक दवाओं पर 200% शुल्क, भारत को मिली राहत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर 200% टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान किया है, लेकिन भारत को अगले दो वर्षों तक राहत मिली है। इस दौरान भारतीय दवा कंपनियां बिना अतिरिक्त टैरिफ के निर्यात जारी रख सकेंगी। ट्रंप का उद्देश्य अमेरिका में दवा उत्पादन को बढ़ावा देना है। जानें इस नीति के पीछे की रणनीति और भारत की स्थिति के बारे में।
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ट्रंप का टैरिफ ऐलान

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कनाडा पर 50% टैरिफ लगाने के बाद, अब उन्होंने अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से 200% तक टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। हालांकि, भारत के लिए यह राहत की बात है कि अगले दो वर्षों तक इन दवाओं पर 0% टैरिफ लागू रहेगा।


टैरिफ की योजना

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी दी कि 1 अगस्त से अगले दो वर्षों तक जेनेरिक दवाओं पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसके बाद तीसरे वर्ष में 100% और फिर 200% तक टैरिफ लागू किया जाएगा।


उद्देश्य और चेतावनी

ट्रंप ने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में जेनेरिक दवाओं का उत्पादन वापस लाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनियां निर्धारित समय सीमा के भीतर अमेरिका में उत्पादन इकाइयां स्थापित नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


भारत की स्थिति

भारत को वैश्विक स्तर पर 'फार्मेसी' के रूप में जाना जाता है। अमेरिका में उपयोग होने वाली हर पांच जेनेरिक दवाओं में से एक भारत में निर्मित होती है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत ने 2025 में अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर की जेनेरिक दवाएं निर्यात कीं, जो भारत के कुल दवा निर्यात का लगभग 38% है।


भविष्य की रणनीति

भारत हर साल अमेरिका को 10 अरब डॉलर से अधिक की जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है। ट्रंप के नए ऐलान का तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि अगले दो वर्षों तक भारतीय दवा कंपनियां बिना अतिरिक्त टैरिफ के निर्यात जारी रख सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छूट भारतीय दवा कंपनियों को भविष्य की रणनीति तैयार करने का अवसर देगी।


FDA की जानकारी

अमेरिकी फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार, अमेरिका में बिकने वाली 90% से अधिक दवाएं जेनेरिक हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह नई नीति केवल जेनेरिक दवाओं पर लागू होगी, जबकि पेटेंट, ब्रांडेड और इनोवेटिव दवाओं की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।