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ट्रंप की पार्टी को मिडटर्म चुनाव में मिली हार, डेमोक्रेट्स ने किया नियंत्रण स्थापित

डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को हालिया मिडटर्म चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण स्थापित कर लिया है। ट्रंप ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि अगर उनका नाम बैलेट पर होता, तो परिणाम अलग होते। चुनाव परिणामों ने ट्रंप के लिए कई झटके दिए हैं, जिसमें मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद की जीत भी शामिल है। जानें इस चुनाव के प्रमुख परिणाम और ट्रंप की पार्टी की स्थिति।
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ट्रंप की हार और डेमोक्रेट्स का नियंत्रण


नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों के बावजूद, अमेरिका के मतदाताओं ने उनकी रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में करारी हार दी है। इस चुनाव में ट्रंप की पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव और सीनेट में अपना बहुमत खो दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब दोनों सदनों में नियंत्रण स्थापित कर लिया है। ट्रंप को अब अपने शेष दो साल के कार्यकाल में डेमोक्रेट्स के सहयोग से काम करना होगा।


ट्रंप ने चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद हार स्वीकार कर ली और कहा कि वे डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके नाम या तस्वीर का बैलेट पर उल्लेख होता, तो उनकी पार्टी जीत जाती।


ट्रंप ने ईरान समेत सात देशों में युद्ध की स्थिति पैदा कर अपने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (मागा) समर्थकों को नाराज किया। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई और ट्रंप परिवार पर लगे आरोपों के कारण भी मतदाता उनके खिलाफ हो गए। परिणामस्वरूप, ट्रंप की पार्टी को निर्णायक हार का सामना करना पड़ा।


अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन, हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स की 435 सीटों में से डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें जीतकर नियंत्रण हासिल कर लिया। बुधवार की शाम तक, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने केवल 139 सीटें जीती थीं। इसी तरह, सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए, जिनमें डेमोक्रेट्स ने 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें जीतीं। इस परिणाम के बाद, डेमोक्रेट्स के पास 54 और रिपब्लिकन के पास 44 सीटें हो गईं।


अमेरिका के 36 राज्यों में गवर्नर के चुनाव भी हुए, जिनमें से 34 के परिणाम सामने आए। इनमें से 22 राज्यों में डेमोक्रेट्स ने जीत हासिल की, जबकि ट्रंप की पार्टी को केवल 12 राज्यों में सफलता मिली। यह दर्शाता है कि ट्रंप की पार्टी को कई ऐसे राज्यों में हार का सामना करना पड़ा, जिन्हें पहले रिपब्लिकन का गढ़ माना जाता था। भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी भी चुनाव हार गए हैं।


ट्रंप के लिए सबसे बड़ा झटका मिशिगन से आया, जहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत हासिल की। वे अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बने हैं। ट्रंप ने अल सैयद को सार्वजनिक मंच पर 'जिहादी' कहा था।