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डिंपल यादव का मोदी सरकार पर हमला: पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चिंता

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पिछले 40 दिनों में 20 छात्रों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। डिंपल ने कहा कि देश का युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठा रहा है और सरकार ने अहिंसक प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया है। उनके बयान में छात्रों के आंदोलन और सरकार की दबाव की राजनीति पर भी प्रकाश डाला गया।
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लोकसभा में डिंपल यादव का बयान

नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाने के बावजूद परीक्षाओं में लीक की घटनाएं क्यों जारी हैं। उन्होंने इसे एक बड़े षड्यंत्र या सरकार की व्यवस्था में स्थायी 'लीकेज' का हिस्सा बताया।

डिंपल यादव ने यह भी कहा कि पिछले 40 दिनों में 20 छात्रों ने आत्महत्या की है। उन्होंने सदन में प्रत्येक छात्र का नाम लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनका कहना था कि देश का युवा डरने वाला नहीं है और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठा रहा है। जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष वहां राजनीति करने नहीं, बल्कि छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अहिंसक प्रदर्शनकारियों के साथ कठोर व्यवहार किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया। इसके अलावा, उन्होंने सरकार पर परिसीमन जैसे राजनीतिक मुद्दों पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि छात्रों की आवाज को दबाने की हर कोशिश विफल रही।

डिंपल यादव ने कहा कि हम युवाओं की हिम्मत की सराहना करते हैं, जो डरे नहीं। यह आंदोलन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। हमारे सभी सांसद और विधायक जंतर-मंतर गए थे, राजनीति करने नहीं, बल्कि समर्थन देने के लिए। 18 जून को मैं भी गई और सोनम वांगचुक से मिली। लेकिन उस दिन सरकार ने क्या किया, अहिंसा के साथ बैठे लोगों को सफेद कफन पहनाने का काम किया। गांधी जी के विचारों को कफन पहनाने का काम किया। देश में लोकतंत्र है, लेकिन क्या वास्तव में स्वतंत्रता है? हर प्रदेश से बच्चे आए, वे अपनी एकता दिखाना चाहते थे। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सरकार ने क्या बर्ताव किया? सरकार को परिसीमन बिल पास कराना है, इसके लिए सांसदों पर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन बच्चों पर दबाव नहीं बना पाए। आप तो अमेरिका के सामने घुटने टेक कर आ गए।