डिएगो फोरलान बन सकते हैं उरुग्वे फुटबॉल टीम के अंतरिम कोच
डिएगो फोरलान की कोचिंग की संभावनाएं
नई दिल्ली : उरुग्वे के पूर्व फुटबॉल स्टार डिएगो फोरलान राष्ट्रीय टीम के नए अंतरिम कोच बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन (एयूएफ) और फोरलान के बीच इस भूमिका को लेकर बातचीत चल रही है।
यदि फोरलान और एयूएफ के बीच सहमति बन जाती है, तो वह इस साल सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में होने वाले छह अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों में टीम का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा, उन्हें उरुग्वे की अंडर-20 टीम की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। एयूएफ के अध्यक्ष इग्नासियो अलोंसो ने बताया कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फोरलान इस भूमिका को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर चर्चा अभी बाकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उरुग्वे फुटबॉल संघ साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रीय टीम के लिए स्थायी मुख्य कोच की नियुक्ति करेगा।
डिएगो फोरलान उरुग्वे के सबसे सफल और प्रिय फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। अपने करियर में उन्होंने मैनचेस्टर यूनाइटेड, विल्लारियल, एटलेटिको मैड्रिड और इंटर मिलान जैसे प्रमुख क्लबों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने उरुग्वे की राष्ट्रीय टीम के लिए 112 मैच खेले और 36 गोल किए।
फोरलान का सबसे यादगार प्रदर्शन 2010 फीफा वर्ल्ड कप में था, जहां उन्होंने पांच गोल किए और अपनी टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का 'गोल्डन बॉल' पुरस्कार भी मिला। 47 वर्षीय फोरलान के पास कोचिंग का अनुभव भी है, क्योंकि वह पहले उरुग्वे के क्लब पेनारोल और एटेनास के मुख्य कोच रह चुके हैं। हालांकि, राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी लेना उनके लिए अब तक का सबसे बड़ा चुनौती होगी।
उरुग्वे में कोच बदलने की आवश्यकता तब महसूस हुई जब जून में फीफा वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद मार्सेलो बिएल्सा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे अपने ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही। टीम ने काबो वर्डे और सऊदी अरब के खिलाफ मैच ड्रॉ खेले, जबकि स्पेन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
मार्सेलो बिएल्सा ने मई 2023 में टीम की कमान संभाली थी। उनके कार्यकाल में उरुग्वे ने 16 मैच जीते, 12 ड्रॉ खेले और आठ मुकाबले गंवाए। इस्तीफे के बाद बिएल्सा ने कहा कि उन्हें इस तरह विदाई लेने का दुख है। उन्होंने माना कि टीम के पास अच्छे खिलाड़ी और पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद वह अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्होंने खुद ली।
