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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कदम: एआई कंपनियों में अमेरिकी जनता को हिस्सेदारी देने की योजना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नई योजना का ऐलान किया है, जिसमें एआई कंपनियों को अमेरिकी जनता को हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत, ट्रंप अगले सप्ताह एआई क्षेत्र के प्रमुख सीईओ के साथ बैठक कर सकते हैं। यह कदम टेक उद्योग में हलचल मचा सकता है। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की सोच और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कदम: एआई कंपनियों में अमेरिकी जनता को हिस्सेदारी देने की योजना

ट्रंप का नया प्रस्ताव

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उनका प्रशासन एक अनोखी योजना पर काम कर रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों को अमेरिकी नागरिकों को अपने शेयर देने पर विचार किया जा रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह अगले सप्ताह एआई क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के सीईओ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। इस घोषणा के बाद टेक उद्योग में हलचल मच गई है।


साझेदारी का विचार

“यह विचार दिलचस्प है”


ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “यह विचार काफी नया और दिलचस्प है। इससे एआई कंपनियों और अमेरिकी जनता के बीच एक मजबूत साझेदारी स्थापित हो सकती है। हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।”


गोपनीय चर्चाएं

एक प्रमुख डिजिटल समाचार वेबसाइट ने बताया कि अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश की शीर्ष एआई कंपनियों के साथ इस विषय पर प्रारंभिक गोपनीय चर्चाएं की हैं। इन चर्चाओं में यह संभावना भी शामिल थी कि अमेरिकी सरकार कुछ एआई कंपनियों के शेयर खरीदकर उनमें हिस्सेदारी ले सकती है, ताकि इसके लाभ सीधे जनता तक पहुंच सकें। हालांकि, इस प्रस्तावित बैठक या संभावित हिस्सेदारी के बारे में व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।


कंपनियों पर नजर

रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है, उनमें OpenAI, Anthropic, Google, Meta (फेसबुक) और SpaceX शामिल हैं। फिलहाल इन कंपनियों ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।


एआई पर सख्ती

ट्रंप प्रशासन एआई तकनीक पर सख्ती से नियंत्रण लगाने के लिए चिंतित है। हाल ही में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर होने वाले थे, लेकिन उसे अचानक रद्द कर दिया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टेक कंपनियों ने उस आदेश के कुछ नियमों पर आपत्ति जताई थी। ट्रंप ने स्वीकार किया था कि वह ऐसे कदम नहीं उठाना चाहते जिससे अमेरिका की स्थिति कमजोर हो।


सुरक्षा चिंताएं

हाल ही में ट्रंप ने एक संशोधित कार्यकारी आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी बड़ी एआई कंपनियों को अपने एडवांस्ड एआई मॉडल्स को जनता के लिए लॉन्च करने से पहले सरकारी साइबर सुरक्षा परीक्षणों के लिए उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है।


सरकार की यह सख्ती ऐसे समय में आई है जब एआई से संबंधित सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं। हाल ही में एंथ्रोपिक द्वारा लॉन्च किए गए नए टूल 'Mythos' ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक गलत हाथों में चली गई, तो वैश्विक वित्तीय प्रणाली पर बड़े साइबर हमलों का खतरा हो सकता है।


सरकारी निवेश का इतिहास

ट्रंप प्रशासन के लिए कंपनियों में हिस्सेदारी लेना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी अमेरिकी सरकार ने टेक रेस में बने रहने के लिए Intel और अन्य कंपनियों में बड़ा सरकारी निवेश किया है।