डोनाल्ड ट्रंप ने फिर जताई नोबेल शांति पुरस्कार की दावेदारी
ट्रंप का दावा
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। उनका कहना है कि उनके कूटनीतिक प्रयासों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में उनकी भूमिका के कारण वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के योग्य हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान, ट्रंप ने यह दावा किया कि उन्होंने 8 युद्धों को समाप्त करने या उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी उपलब्धियों का प्रचार नहीं कर रहे, बल्कि केवल तथ्यों को साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि उनकी उपलब्धियों की सूची में जल्द ही एक और कूटनीतिक सफलता जुड़ सकती है।
ट्रंप की कूटनीतिक उपलब्धियाँ
ट्रंप ने लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार की इच्छा व्यक्त की है। उनके पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के साथ हुई मुलाकात और अन्य कूटनीतिक पहलों को उनके समर्थकों ने पुरस्कार के लिए मजबूत आधार माना है। उन्होंने इजराइल और कई अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करने वाले ‘अब्राहम समझौते’ को भी अपनी बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया है।
भारत-पाकिस्तान विवाद पर ट्रंप का दावा
जून 2025 में, ट्रंप ने कहा था कि उनका रिकॉर्ड कई नोबेल पुरस्कारों के लिए योग्य है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें 4 या 5 बार यह सम्मान मिलना चाहिए था। ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान, इजराइल-ईरान, कंबोडिया-थाईलैंड, सर्बिया-कोसोवो, रवांडा-डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अजरबैजान जैसे देशों के बीच तनाव कम करने का श्रेय अपने प्रशासन को दिया है। हालांकि, भारत ने उनके उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिकी भूमिका का दावा किया था।
सहयोगियों का समर्थन
ट्रंप की नोबेल दावेदारी को उनके राजनीतिक सहयोगियों के अलावा कुछ विदेशी नेताओं का भी समर्थन मिला है। रिपब्लिकन सांसद क्लाउडिया टेनी ने उन्हें 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है। इजराइल, पाकिस्तान और कंबोडिया के नेताओं ने भी ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी की गोपनीयता
हालांकि, नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी नामांकन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करती है। नोबेल पुरस्कार के नियमों के अनुसार, नामांकन से संबंधित रिकॉर्ड 50 वर्षों तक गोपनीय रखा जाता है।
ईरान के साथ तनाव
ईरान तनाव के बीच ‘शांतिदूत’ की छवि पर सवाल: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप का नोबेल पुरस्कार को लेकर ताजा दावा ऐसे समय आया है, जब उनकी विदेश नीति पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने का उनका रिकॉर्ड उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार का मजबूत दावेदार बनाता है। हालांकि, उनके कुछ दावों पर असहमति और आलोचना के बावजूद, ट्रंप अपनी दावेदारी पर कायम हैं।
