तमिलनाडु की जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
चेन्नई: तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के भागने के बाद, राज्य की सभी सेंट्रल और जिला जेलों में बुधवार से हथियारबंद गार्ड तैनात किए जाएंगे। यह जानकारी जेल और सुधार सेवा के पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर ने दी।
यह कदम सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है, जिसे सोमवार रात हुए जेल ब्रेक के बाद लागू किया जा रहा है। इस घटना ने मेडिकल इमरजेंसी को संभालने में हुई चूक को उजागर किया है। जेल अधिकारी अब सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं और एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहे हैं।
हथियारबंद गार्ड की तैनाती
संदीप राय राठौर ने बताया कि वॉचटावर पर हथियारबंद जवान तैनात किए जाएंगे, जिन्हें भागने की कोशिश करने वाले कैदियों पर गोली चलाने का निर्देश दिया जाएगा। राज्य की अधिकांश जेलों में वॉचटावर पर तैनात गार्ड आमतौर पर हथियार नहीं रखते हैं।
विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी जेलों में अलार्म सिस्टम सही तरीके से काम करें। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने और नई संचालन प्रक्रिया लागू होने के बाद अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी किए जाएंगे।
सुरक्षा चूक की स्वीकार्यता
थेनी जेल में हुई सुरक्षा चूक को स्वीकार करते हुए संदीप राय राठौर ने कहा कि जेल स्टाफ ने नेक नीयत से काम किया था, जब उन्हें एक कैदी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। हालांकि, गेट को सुरक्षित करने की तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
स्टाफ ने तीन गेट खोले और स्वास्थ्य समस्या की सूचना पर अंदर भागे, लेकिन उन्होंने अंदर से गेट लॉक नहीं किए, जिससे रास्ता असुरक्षित रह गया।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन
एक अधिकारी ने गेट को सुरक्षित न करने को प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन बताया। कैदियों ने इसी मौके का फायदा उठाया, गार्डों पर हमला किया और फरार हो गए।
इस पूरे मामले में इमरजेंसी अलर्ट को संभालने के तरीके और गेट को दोबारा लॉक न करने की विफलता को सुरक्षा चूक के केंद्र में रखा गया है। स्टाफ ने एक वास्तविक स्वास्थ्य समस्या पर प्रतिक्रिया दी, लेकिन उनके हस्तक्षेप के दौरान गेट असुरक्षित रहे।
भविष्य के सुरक्षा उपाय
विभाग द्वारा घोषित उपायों में सभी सेंट्रल और जिला जेलों में हथियारबंद निगरानी और अलार्म सिस्टम की तैयारी शामिल है। वॉचटावर पर हथियारबंद तैनाती मौजूदा व्यवस्था से अलग होगी, जहां ज्यादातर जेलों में जवान बिना बंदूक के ड्यूटी करते हैं।
हथियारबंद तैनाती बुधवार से शुरू होगी, जबकि अन्य बदलाव सुरक्षा ऑडिट और संशोधित प्रक्रियाओं के नतीजों पर निर्भर करेंगे। संदीप राय राठौर ने कहा कि समीक्षा के दोनों चरण पूरे होने के बाद अतिरिक्त उपाय लागू किए जाएंगे।
