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तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का किया दावा

तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को घोषणा की कि पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का निर्णय लिया है। घोष ने कहा कि वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखेंगे और पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने का इरादा रखते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पिछले कुछ वर्षों में राज्य में फैली अराजकता और बेरोजगारी के खिलाफ हैं। इस कदम के पीछे की वजहें और ममता बनर्जी के प्रति उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
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तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का किया दावा

तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का नया कदम

तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को जानकारी दी कि पार्टी के लगभग 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का निर्णय लिया है। घोष ने बताया कि सभी सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र भेजेंगे।


पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एकजुटता

काकोली घोष ने कहा, 'हम 20 सांसद हैं जिन्होंने स्पीकर से अलग बैठने की जगह के लिए अनुरोध किया है। हम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करेंगे। हम पिछले कुछ वर्षों में राज्य में फैली अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी के खिलाफ हैं।'


काम करने में कठिनाई

उन्होंने आगे कहा, 'हमने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंप दिया है। जब उन्हें समय मिलेगा, तो वे हमें स्वयं फोन करेंगे। मैंने कहा कि हम, लोकसभा के सभी 20 सांसद, ठीक से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। मैंने यह भी बताया कि देशभर में केंद्र सरकार की कई योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन बंगाल में वे लागू नहीं हुई हैं। हमें उन योजनाओं को उन मतदाताओं तक पहुंचाना है जिन्होंने हमें चुना है।'


डर का कोई सवाल नहीं

काकोली ने कहा, 'डर का कोई सवाल नहीं है। आप देख सकते हैं, मैं यहां अकेली बैठी हूं। डर कहां है? हमने सभी 20 सांसदों ने मिलकर पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।' उन्होंने कहा, 'मेरा सर कटेगा लेकिन मैं झुकूंगी नहीं। मैंने बहुत सहा है। मैं 2011 में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से यहां नहीं आई, मैं यहां 40 साल से संघर्ष कर रही हूं और ऐसे लोगों की बातों का मुझ पर कोई असर नहीं होता।'


भविष्य की अनिश्चितता

उन्होंने कहा, 'बाद में पता चलेगा कि क्या होता है। फिलहाल, क्या यह पर्याप्त नहीं है कि हम बंगाल, देश और भारत की सुरक्षा के लिए काम करना चाहते हैं? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। देश का मुद्दा हमारे लिए सबसे प्राथमिक है।'


ममता बनर्जी के प्रति प्रतिक्रिया

जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, 'उस तरफ से किसी ने संपर्क नहीं किया। जब मैं जिला चेयरपर्सन थी और चुनाव परिणाम खराब आए, तो मैंने व्यक्तिगत जिम्मेदारी ली और पद छोड़ दिया। उसके बाद भी, कोई मुझसे नहीं मिला या कॉल नहीं किया। मुझे नजरअंदाज कर दिया गया। ऐसा लगा जैसे उन्होंने किसी को मुझे गाली देने के लिए छोड़ दिया हो। मैं 40 साल से ममता बनर्जी के साथ हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा दिन देखूंगी जब वह किसी को मुझे गाली देने के लिए कहेंगी।'