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तेज प्रताप यादव का रियलिटी शो में भावुक बयान: परिवार और राजनीति पर खुलकर बोले

तेज प्रताप यादव ने हाल ही में एक रियलिटी शो में अपने परिवार और राजनीति के बारे में भावुक बयान दिया। उन्होंने अपनी कहानी को 'बाहुबली' से जोड़ते हुए गद्दारी का जिक्र किया। उनके शब्दों में छिपी नाराजगी और दर्द ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जानें, तेज प्रताप का 'कटप्पा' किसकी ओर इशारा कर रहा है और उनके बयान का क्या मतलब है।
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तेज प्रताप यादव की नई चर्चा


बिहार की राजनीति में लालू यादव का परिवार हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। अब तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण कोई राजनीतिक बयान नहीं है। तेज प्रताप ने एक रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में अपने दिल की बात साझा की, जिसमें उनके हंसी-मजाक के बीच गहरी भावनाएं भी झलकीं।


शो में तेज प्रताप से परिवार और राजनीति में चल रही खींचतान के बारे में सवाल किया गया। जब उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक कुर्सी परिवार के रिश्तों में दरार डाल सकती है, तो उनका जवाब सबको चौंका गया।


तेज प्रताप ने कहा कि उनकी कहानी भी 'बाहुबली' फिल्म जैसी है, जिसमें उन्हें गद्दारी का सामना करना पड़ा। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी 'कटप्पा' ने उनके साथ गद्दारी की, तो उन्होंने सीधे 'हां' कहा।


उन्होंने कहा, 'हम बाहुबली थे।' इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि अगर गद्दारी नहीं होती, तो पार्टी कैसे बनती। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी नाराजगी स्पष्ट थी।


तेज प्रताप ने कहा कि 'कटप्पा' बाहुबली को मारने में लगा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा, 'यहां उगते हुए सूरज को लोग प्रणाम करते हैं, डूबते हुए को कौन पूछता है?' उनके इस बयान को उनके राजनीतिक सफर और पारिवारिक रिश्तों से जोड़ा जा रहा है।


शो में उनसे उनकी अलग पार्टी जन जनता दल (JJD) बनाने के बारे में भी सवाल किया गया। जब पूछा गया कि क्या यह परिवार के भीतर मतभेदों के कारण हुआ, तो उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी।


तेज प्रताप ने संकेत दिया कि पार्टी पर कुछ लोगों का पहले से कब्जा हो चुका था। उनके इस बयान ने फिर से सवाल खड़ा कर दिया कि वह किसकी ओर इशारा कर रहे थे।


बातचीत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी तक पहुंची। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने माता-पिता से इस बारे में शिकायत की थी, तो उन्होंने कहा कि लोग सब कुछ देख रहे हैं।


शो में एक बेहद निजी सवाल पर तेज प्रताप चुप हो गए। जब पूछा गया कि क्या पिता ने उन्हें नजरअंदाज किया है, तो उनका चेहरा बदल गया। यह पल शो का सबसे भावुक क्षण बन गया।


हालांकि, रियलिटी शो में कही गई बातें सीधे राजनीतिक बयान नहीं मानी जा सकतीं, लेकिन तेज प्रताप के 'बाहुबली' और 'कटप्पा' वाले बयान ने बिहार की राजनीति में चर्चा को जन्म दिया है।


अब सवाल यह है कि तेज प्रताप का 'कटप्पा' किसकी ओर इशारा है? क्या यह परिवार के किसी सदस्य की ओर है, या पार्टी के किसी नेता की तरफ? तेज प्रताप की खामोशी ने उनके शब्दों से ज्यादा कुछ कह दिया है।