तेलंगाना में मंदिर के पुजारी की नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तारी
रंगारेड्डी में पुजारी की गिरफ्तारी
रंगारेड्डी। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक मंदिर के पुजारी को एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना तब उजागर हुई जब स्थानीय निवासियों को इसकी जानकारी मिली। आरोपी के खिलाफ 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसिज़' (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
घटना का विवरण
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान वडला सयान्ना के रूप में हुई है, जो रामचंद्रपुरम मंडल के एक मंदिर में पुजारी के रूप में कार्यरत है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना पुजारी को पुलिस के हवाले किए जाने से दो दिन पहले हुई थी। सयान्ना ने मंदिर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और नाबालिग को गर्भगृह में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। यह घटना साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के रामचंद्रपुरम पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में घटित हुई।
स्थानीय लोगों की कार्रवाई
Shocking News Coming from #Hyderabad's #Telangana– Bizarre Incident Within the #Cyberabad Police Commissionerate Limits
Priest Who Sexually Assaulted a Minor Girl in the Temple
In #Ramachandrapuram, a priest named Sayanna, who locked the temple from the outside and sexually… pic.twitter.com/viadbRt5zW
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) August 15, 2026
स्थानीय लोगों ने इस घटना को देखा और तुरंत हस्तक्षेप किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पुजारी को मौके पर पकड़ लिया और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। कुछ स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों को सूचित करने से पहले पुजारी के साथ मारपीट भी की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू की।
POCSO एक्ट के तहत मामला
पुलिस ने सयान्ना के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, जो बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत में अभी तक आरोपों पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, और जब तक वह दोषी साबित नहीं होता, तब तक उसे निर्दोष माना जाएगा।
जांच की प्रक्रिया
पुलिस इस कथित हमले की परिस्थितियों की जांच कर रही है और उपलब्ध सबूतों की समीक्षा कर रही है, जिसमें वीडियो और गवाहों के बयान शामिल हैं। अधिकारियों ने नाबालिग की पहचान को गोपनीय रखा है, जो यौन अपराधों के शिकार बच्चों के लिए कानूनी सुरक्षा के अनुरूप है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और जानकारी मिलने की उम्मीद है।
