तेलंगाना में मतदाता सूची में बड़े बदलाव की संभावना, 71 लाख नाम हटाए जा सकते हैं
मतदाता सूची में संभावित बदलाव
हैदराबाद। तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि लगभग 71 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया है, और गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि आज, 10 अगस्त 2026 है।
एक-चौथाई मतदाताओं का नाम कटने का खतरा
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में कुल 3,38,26,448 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से लगभग 71.07 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटने की संभावना है। इसका अर्थ है कि राज्य के हर पांच में से कम से कम एक मतदाता का नाम सूची से बाहर हो सकता है।
नाम हटाने के कारण
घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान कई लोग अपने पंजीकृत पते पर उपस्थित नहीं मिले। इसके अलावा, हैदराबाद और आसपास के शहरी क्षेत्रों में किराएदारों के बार-बार घर बदलने और मकान बंद होने के कारण बड़ी संख्या में फॉर्म जमा नहीं हो सके। इसके साथ ही, डुप्लीकेट नामों और मृत व्यक्तियों के नामों को हटाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन
हालिया आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 9 अगस्त तक लगभग 78.14 प्रतिशत गणना फॉर्मों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका था। आज निर्वाचन आयोग इस डेटा को प्रोसेस करेगा और 17 अगस्त 2026 को नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करेगा। इस सूची के प्रकाशन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन-किन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
निर्वाचन आयोग की अपील
निर्वाचन अधिकारियों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने नाम की स्थिति जानने के लिए तुरंत अपने बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) से संपर्क करें या तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम सत्यापित करें, ताकि वे आगामी चुनावों में अपने मत देने के अधिकार से वंचित न रहें।
