त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी में सुरक्षा के उपाय
नई दिल्ली में ई-कॉमर्स गतिविधियों में वृद्धि
नई दिल्ली: भारत में त्योहारी मौसम की शुरुआत के साथ, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी में तेजी आई है। भारी छूट, कैशबैक और यूपीआई ट्रांजैक्शन की बाढ़ आई है। मोबाइल पर लगातार आकर्षक ऑफर्स और रिफंड से जुड़े संदेश आ रहे हैं। इस डिजिटल गतिविधि में वृद्धि का फायदा उठाने के लिए साइबर ठगों का एक संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है। हाल ही में जारी 'इंडिया साइबर थ्रेट रिपोर्ट' के अनुसार, देशभर में करोड़ों एंडपॉइंट्स पर मालवेयर हमलों की कोशिशें हो रही हैं, जो हर मिनट औसतन 700 से अधिक हैं। ऐसे में, त्योहारों के दौरान डिजिटल लेन-देन करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।
ऑफर्स पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें
लुभावने ऑफर्स और डिस्काउंट लिंक्स पर तुरंत क्लिक करने से बचें
त्योहारों के दौरान व्हाट्सएप, एसएमएस, ईमेल और सोशल मीडिया पर 'सिर्फ आज के लिए छूट' जैसे संदेशों की भरमार होती है। जालसाज ऐसे टेक्स्ट भेजकर यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाते हैं। किसी भी अनजान लिंक को खोलने से पहले उसका यूआरएल ध्यान से जांचें। ठग बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों जैसी दिखने वाली क्लोन वेबसाइट बना लेते हैं। इसलिए, खरीदारी करने के लिए सीधे आधिकारिक ऐप या ब्राउज़र में सही वेबसाइट टाइप करें।
UPI पेमेंट में सावधानी बरतें
UPI पेमेंट और QR कोड स्कैनिंग में न करें जल्दबाजी
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान यूपीआई के जरिए लेन-देन बढ़ जाता है, और ठग इसका फायदा उठाते हैं। कई बार जालसाज रिफंड या कैशबैक का झांसा देकर 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजते हैं। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। किसी भी पेमेंट को अप्रूव करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि की पुष्टि करें।
फर्जी कस्टमर केयर से सावधान रहें
फर्जी कस्टमर केयर और डिलीवरी अपडेट्स की फिशिंग से रहें सावधान
त्योहारों पर ऑर्डर्स की संख्या अधिक होने के कारण डिलीवरी में देरी हो सकती है। ठग इसी का फायदा उठाकर फर्जी ट्रैकिंग लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से फोन में मैलवेयर डाउनलोड हो सकता है। गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करते समय सावधानी बरतें। हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप के हेल्प सेक्शन से सहायता प्राप्त करें।
फोन कॉल्स से सतर्क रहें
फोन पर बैंक अधिकारी या डिलीवरी एजेंट बनकर आने वाली कॉल्स से रहें सतर्क
साइबर अपराधी अक्सर खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर कॉल करते हैं। वे आपकी सामान्य जानकारी से विश्वास जीतते हैं और फिर ओटीपी या पासवर्ड मांगते हैं। कोई भी अधिकृत बैंक फोन पर पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता। जल्दबाजी में कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
स्मार्टफोन की सुरक्षा सुनिश्चित करें
स्मार्टफोन और ऐप्स की सुरक्षा सेटिंग्स को रखें पुख्ता
फेस्टिव शॉपिंग शुरू करने से पहले अपने डिवाइस को सुरक्षित करना जरूरी है। मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी बैंकिंग ऐप्स को अपडेट रखें। थर्ड-पार्टी वेबसाइट से एपीके फाइल डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से एप्लिकेशन इंस्टॉल करें और गैर-जरूरी ऐप्स को अनइंस्टॉल करें।
