त्योहारों पर मिठाई खाने के लिए सुरक्षित मात्रा जानें
त्योहारों में मिठाई का आनंद और स्वास्थ्य
नई दिल्ली: दीपावली, धनतेरस या भाई दूज जैसे त्योहारों पर मिठाई का सेवन करना एक खास अनुभव होता है। बाजार में उपलब्ध रंग-बिरंगी मिठाइयों को देखकर मन ललचाना स्वाभाविक है। हालांकि, कभी-कभी हम मिठाई का अधिक सेवन कर लेते हैं, जो हमारी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से, डायबिटीज, मोटापे, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी समस्याओं से ग्रस्त व्यक्तियों को अपने खानपान पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
मिठाई को पूरी तरह से छोड़ने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दैनिक ऊर्जा का 10 प्रतिशत से कम फ्री शुगर का सेवन होना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसे 5 प्रतिशत से कम रखना अधिक लाभकारी माना जाता है। इसलिए त्योहारों के दौरान मिठाई का सेवन करते समय अपनी कुल चीनी की मात्रा का ध्यान रखें। सामान्यतः एक बार में मिठाई का छोटा टुकड़ा या लगभग 20-30 ग्राम पर्याप्त होता है, लेकिन यह मात्रा उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकती है।
काजू कतली: त्योहारों में काजू कतली बहुत पसंद की जाती है। इसमें काजू और चीनी होती है, इसलिए एक बार में एक छोटा टुकड़ा यानी लगभग 15-20 ग्राम खाना ठीक रहेगा। इसे रोजाना खाने के बजाय कभी-कभी ही खाएं।
बेसन के लड्डू: बेसन में प्रोटीन और फाइबर होते हैं, लेकिन लड्डू बनाने में घी और चीनी का भी उपयोग होता है। इसलिए एक छोटा लड्डू या आधा बड़ा लड्डू खाना उचित रहेगा।
रसगुल्ला: रसगुल्ला छेने से बनता है, लेकिन इसमें चीनी की चाशनी होती है। ऐसे में एक छोटा रसगुल्ला खाएं और अतिरिक्त चाशनी को हटा दें।
गुलाब जामुन: यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ-साथ घी और चीनी से भी भरपूर होती है। इसलिए एक छोटा गुलाब जामुन खाना पर्याप्त है। इसे खाने के बाद अन्य मीठी चीजें खाने से बचें।
जलेबी: जलेबी को तेल या घी में तला जाता है और चाशनी में डुबोया जाता है। इसमें चीनी और कैलोरी की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए एक छोटी जलेबी तक ही सीमित रहना बेहतर है।
खीर: दूध से बनी खीर में कैल्शियम और प्रोटीन होते हैं, लेकिन चीनी और मेवे डालने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है। त्योहारों में आधी छोटी कटोरी यानी लगभग 75-100 ग्राम खीर खा सकते हैं। इसे कम चीनी में बनाना बेहतर होगा।
त्योहारों में मिठाई का सेवन करते समय कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सकता है। सबसे पहले, खाली पेट मिठाई खाने से बचें। भोजन के बाद सीमित मात्रा में मिठाई खाएं। एक ही समय में कई प्रकार की मिठाइयों के बजाय अपनी पसंद की एक मिठाई चुनें। घर पर मिठाई बनाते समय चीनी और घी की मात्रा कम रखें। इसके अलावा, रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और शारीरिक गतिविधियों को जारी रखें।
