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थाईलैंड में स्कूल में गोलीबारी: 8 की मौत, आरोपी छात्र ने खुद को भी मारा

थाईलैंड में एक स्कूल में हुई गोलीबारी ने देश को हिलाकर रख दिया है। एक 14 वर्षीय छात्र ने डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 8 लोगों की जान गई। आरोपी ने अपने दादा-दादी की हत्या करने के बाद स्कूल में प्रवेश किया और खुद को भी गोली मार ली। इस घटना ने घरों में रखे हथियारों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की जांच के बारे में।
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थाईलैंड में स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना


डिजिटल डेस्क।  थाईलैंड में शुक्रवार को एक स्कूल में हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। बैंकॉक के निकट स्थित डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में 9वीं कक्षा के एक छात्र ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में तीन शिक्षकों और तीन छात्रों सहित कुल छह लोगों की जान चली गई, जबकि 15 अन्य घायल हुए। घटना के बाद, आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली।


पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने स्कूल पहुंचने से पहले अपने दादा-दादी की भी हत्या की थी। कुल मिलाकर, उसने 8 लोगों की जान ली और खुद को भी खत्म कर लिया। बाद में, पुलिस ने दोनों शवों को उनके घर से बरामद किया। बताया गया है कि हमले में इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्टल उसके दादा की थी, जो एक शिक्षक थे। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हमले के कारणों का पता लगाने में जुटी है।


थाईलैंड में स्कूल में गोलीबारी: 8 की मौत, आरोपी छात्र ने खुद को भी मारा

पुलिस द्वारा जारी की गई आरोपी छात्र ने इसी बंदूक का इस्तेमाल किया था


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जैसे ही स्कूल में गोलियों की आवाज गूंजी, छात्र और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए कक्षाओं में छिप गए। कुछ समय बाद, पुलिस मौके पर पहुंची और एक-एक कमरे की तलाशी लेकर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था, और बाहर मौजूद परिजन व स्थानीय लोग चिंतित दिखाई दिए। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ने परिवार के सदस्य के नाम पर लाइसेंस प्राप्त हथियार का इस्तेमाल किया। इस घटना ने एक बार फिर घरों में रखे हथियारों की सुरक्षा और बच्चों की पहुंच से उन्हें दूर रखने के मुद्दे को उठाया है।


हाल के वर्षों में, कई देशों में स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं। थाईलैंड के अलावा, सर्बिया, रूस और ब्राजील जैसे देशों में भी ऐसे हमले हुए हैं। कई मामलों में हमलावर किशोर रहे हैं और उन्होंने परिवार के किसी सदस्य के हथियार का इस्तेमाल किया है।