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दक्षिण कोरिया में मतदान सामग्री की कमी पर विशेष समिति की सुनवाई

दक्षिण कोरिया में हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की कमी के कारण हंगामा मच गया है। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष संसदीय समिति का गठन किया गया है, जिसने अपनी पहली सुनवाई आयोजित की। सुनवाई में पूर्व निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष ने कमियों के लिए जिम्मेदारी स्वीकार की, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष ने मतदाताओं से माफी मांगी। जांच समिति ने 43 गवाहों को तलब किया है और आगे की प्रक्रिया में कई सुनवाई और स्थल निरीक्षण शामिल हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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दक्षिण कोरिया में मतदान सामग्री की कमी पर विशेष समिति की सुनवाई

सोल में मतदान केंद्रों पर हंगामा

सोल : हाल ही में दक्षिण कोरिया में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान मतदान केंद्रों पर मतपत्रों की कमी के कारण देशभर में हंगामा मच गया है। इस मुद्दे को लेकर सरकार पर काफी दबाव है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष संसदीय समिति का गठन किया गया, जिसने मंगलवार को अपनी पहली सुनवाई आयोजित की।


यह जांच उस घटना से संबंधित है जिसमें 3 जून को सोल के एक दर्जन से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदान सामग्री की कमी देखी गई थी। इसके बाद नेशनल असेंबली ने 18 सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया था।


एक समाचार स्रोत के अनुसार, पूर्व निर्वाचन आयोग के अध्यक्ष रोह ताए-आक ने सुनवाई के दौरान कहा, "निर्वाचन आयोग की निगरानी में हुई कमियों के लिए वे खुद को जिम्मेदार मानते हैं।"


कार्यवाहक अध्यक्ष वी चुल-ह्वान ने मतदाताओं से औपचारिक माफी मांगते हुए कहा कि मतदान के दौरान लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।


उन्होंने आगे कहा, "मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए मैं पूरा सहयोग देने को तैयार हूं।" हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे की मांग को "गैर-जिम्मेदाराना" बताया।


सुनवाई के दौरान केवल एक मौजूदा आयुक्त की उपस्थिति पर सांसदों ने नाराजगी जताई। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया और विपक्षी पीपल पावर पार्टी ने अनुपस्थित अधिकारियों के रवैये को "सामूहिक अवज्ञा" करार दिया।


जांच समिति ने 43 गवाहों को तलब करने का निर्णय लिया है, जिनमें निर्वाचन आयोग के 27 वर्तमान और पूर्व अधिकारी शामिल हैं।


आगे की प्रक्रिया के तहत 1 जुलाई को दूसरी रिपोर्टिंग, 8 जुलाई को स्थल निरीक्षण और 14 व 22 जुलाई को दो दिन की सुनवाई निर्धारित की गई है।


सोमवार को एक समाचार स्रोत ने बताया कि आठ अधिकारियों को पुलिस और अभियोजन पक्ष की संयुक्त जांच टीम के सामने पेश होने के लिए कहा गया। यह टीम देशभर के 26 मतदान केंद्रों पर हुई मतपत्रों की कमी की जांच कर रही है, जिसके कारण कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा था।


संबंधित सरकारी कर्मचारियों को सोल के उन दो मतदान केंद्रों के प्रबंधन के लिए तैनात किया गया था, जहां मतपत्र खत्म होने की समस्या सामने आई थी।


सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता उनसे उस समय चुनाव निगरानी संस्था द्वारा उठाए गए कदमों और स्थिति से निपटने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेंगे।


यह कार्रवाई 11 जून को संयुक्त जांच टीम द्वारा एनईसी कार्यालय पर की गई छापेमारी के बाद हो रही है। जांच टीम मतपत्रों की कमी की घटना की जांच कर रही है।