दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त का कार्यभार संभाला
नई दिल्ली में दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति
नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के नेता दिनेश त्रिवेदी ने शुक्रवार को पेट्रापोल-बेनापोल सीमा के माध्यम से बांग्लादेश में प्रवेश किया और भारत के नए उच्चायुक्त के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया। यह महत्वपूर्ण पद आमतौर पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारियों को सौंपा जाता है, और त्रिवेदी इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले राजनेता हैं। सीमा पार करते समय, उन्होंने अपनी पत्नी मृणाल त्रिवेदी के साथ सादगी से अपना ट्रॉली बैग खींचते हुए बांग्लादेश में कदम रखा, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।
प्रणय कुमार वर्मा की जगह ली
दिनेश त्रिवेदी ने भारतीय विदेश सेवा के 1994 बैच के अधिकारी प्रणय कुमार वर्मा का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल पिछले महीने समाप्त हुआ था। पूर्व उच्चायुक्त वर्मा का चार साल का कार्यकाल कई चुनौतियों से भरा रहा, जिसमें अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार का गिरना शामिल है। इस समय भारत-बांग्लादेश के संबंध नाजुक मोड़ पर हैं, और एक अनुभवी राजनेता को ढाका भेजना भारत की नई कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तारिक रहमान के नेतृत्व में चुनौती
त्रिवेदी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और हाल ही में प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान के नेतृत्व में भारत-बांग्लादेश संबंधों में उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। इस नाजुक समय में, त्रिवेदी के राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव पर पूरे दक्षिण एशिया की नजरें टिकी हैं कि वे दोनों देशों के बिगड़े रिश्तों को कैसे संभालते हैं।
भारत-बांग्लादेश सहयोग पर जोर
बांग्लादेश में कदम रखते ही, दिनेश त्रिवेदी ने सीमावर्ती क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारों से सकारात्मक संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश को अपनी प्रतिभा और संसाधनों का उपयोग करते हुए खेल, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग करना चाहिए। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कोई भी देश अकेले अपनी शक्ति से सब कुछ नहीं कर सकता, बल्कि जब दोनों देश एक साथ आएंगे, तो जो ताकत बनेगी, वही असली शक्ति होगी, और पूरी दुनिया को उस ताकत को देखना चाहिए।
