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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर GRAP-3 का कार्यान्वयन

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है, जिसके चलते GRAP-3 लागू किया गया है। इस योजना के तहत सभी गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें धूल को नियंत्रित करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग बढ़ाना शामिल है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों का कम से कम उपयोग करें।
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता की चिंताजनक स्थिति

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 के स्तर तक पहुंच गया है, जो 'गंभीर' श्रेणी के करीब है। इस बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण, जिसे 'ग्रैप-3' कहा जाता है, तुरंत लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।


निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध

निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी
ग्रैप-3 के लागू होते ही दिल्ली-एनसीआर में सभी गैर-जरूरी निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें धूल पैदा करने वाले कार्य जैसे खुदाई, पाइलिंग, और मिट्टी की भराई पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।


प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम

सड़कों पर पानी की बौछार और नियमों का उल्लंघन
CAQM ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ग्रैप-3 के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिसमें एफआईआर और भारी जुर्माना शामिल हैं। धूल को नियंत्रित करने के लिए मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें और प्रदूषण से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।