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दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची में बदलाव: जानें नई तारीखें और प्रक्रिया

भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की तारीखों में बदलाव किया है। अब फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जाएगी। जानें इस प्रक्रिया में क्या-क्या बदलाव हुए हैं और मतदाताओं को कब तक अपनी जानकारी चेक करने का समय मिलेगा। यह जानकारी उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो आगामी चुनावों में भाग लेना चाहते हैं।
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नई दिल्ली में मतदाता सूची का संशोधन


नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने 19 अगस्त को महाराष्ट्र और दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की तारीखों में बदलाव की घोषणा की है। इस परिवर्तन के कारण फाइनल वोटर लिस्ट के जारी होने में लगभग एक महीने की देरी होगी, और अब यह सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।


महाराष्ट्र में संशोधन की जानकारी

ECI के नए कार्यक्रम के अनुसार, महाराष्ट्र में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्गठन का कार्य 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा, जबकि पहले यह 29 जुलाई तक होना था। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अब 31 अगस्त को जारी की जाएगी, जो पहले 5 अगस्त को आने वाली थी।


ड्राफ्ट लिस्ट के प्रकाशन के बाद, मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। पहले यह समय सीमा 4 सितंबर थी, जिससे लोगों को 26 दिन अधिक का समय मिल रहा है। दावों और आपत्तियों का निपटारा 31 अगस्त से 29 अक्टूबर तक किया जाएगा।


फाइनल लिस्ट अब 7 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित होगी। महाराष्ट्र में BLOs ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म इकट्ठा करने का कार्य 17 अगस्त को पूरा कर लिया था। आयोग ने पहले ही इसे पूरा करने के लिए समय बढ़ाया था।


दिल्ली में भी बदलाव

दिल्ली में भी फाइनल वोटर लिस्ट अब 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को जारी की जाएगी। यहां भी ड्राफ्ट लिस्ट 24 अगस्त की जगह 31 अगस्त को आएगी। जिनके नाम ड्राफ्ट में नहीं होंगे, वे 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच दावे और आपत्ति दाखिल कर सकेंगे। चुनाव अधिकारी इसी अवधि में इनका निपटारा करेंगे।


दिल्ली में भी SIR के तहत घर-घर जाकर वेरिफिकेशन का कार्य 17 अगस्त को समाप्त हो गया है।


SIR का तीसरा चरण

दिल्ली और महाराष्ट्र SIR के तीसरे चरण में शामिल हैं, जो 14 मई को शुरू हुआ था। इस चरण के समाप्त होते ही पूरे देश में SIR प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, सिवाय हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के।


देरी का कारण

SIR का उद्देश्य बड़े पैमाने पर फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से वोटर लिस्ट को अपडेट और साफ करना है। हाल के हफ्तों में प्रशासनिक और लॉजिस्टिकल कारणों से समय-सीमा में कई बार बदलाव किया गया है।


ECI का कहना है कि रिविजन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने के लिए राज्यों के अनुसार शेड्यूल में बदलाव किया जा रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी जानकारी चेक करने और नाम जुड़वाने के लिए अधिक समय मिल सके।