दिल्ली का मिंटो ब्रिज: जर्जर हालत में, सुरक्षा पर खतरा
दिल्ली का मिंटो ब्रिज
दिल्ली की राजधानी में स्थित प्रसिद्ध 'मिंटो ब्रिज' विशेष महत्व रखता है। यह पुल दो दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। एक तो यह कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (अजमेरी गेट) और पुरानी दिल्ली को जोड़ने वाली सड़क के नीचे स्थित है। दूसरा, यह पुल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली ट्रेनों के लिए भी उपयोग किया जाता है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण पुल की स्थिति अत्यंत खराब है।
ब्रिज की जर्जर स्थिति
लगभग 90 साल पुराना यह पुल अब जर्जर हो चुका है, लेकिन इसकी मरम्मत की कोई पहल नहीं की जा रही है। पुल के ऊपरी हिस्से में दरारें आ चुकी हैं, जो किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इस आर्क के ऊपर से ट्रेनें गुजरती हैं, और 10-15 मीटर की छत में भी दरारें दिखाई दे रही हैं। जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे ठीक करने के बजाय केवल मसाला भर दिया है।
मिंटो ब्रिज पर दरारें
ट्रेनों के आवागमन से मिंटो ब्रिज पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे दरारें और भी बढ़ सकती हैं। इस पुराने पुल में एक और स्थान से टूटने की समस्या है, जिसे अस्थायी सिमेंट और रेत से भरा गया है, लेकिन यह भी अधूरा है।
रखरखाव की जिम्मेदारी
मिंटो रोड और मिंटो ब्रिज का रखरखाव दो सरकारी विभागों द्वारा किया जाता है। मिंटो रोड का देखभाल दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जाता है। बारिश के मौसम में अंडरपास में जलभराव की समस्या अक्सर सुर्खियों में रहती है।
रेलवे की अनदेखी
हालांकि, मिंटो ब्रिज का रखरखाव उत्तर रेलवे द्वारा किया जाता है। रेलवे ट्रैक, बाउंड्री वॉल बनाने और उनकी देखरेख का जिम्मा भी रेलवे के पास है। इस पुल का निर्माण विशेष रूप से ट्रेनों के गुजरने के लिए किया गया था, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति और दरारों की अनदेखी की जा रही है।
ब्रिज की तस्वीरें



