दिल्ली की कंपनी में सैलरी विवाद: कर्मचारी ने HR से की बहस
दिल्ली की कंपनी में सैलरी विवाद
दिल्ली की कंपनी में सैलरी विवाद: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कर्मचारी और कंपनी के HR के बीच तीखी बहस हो रही है। इस क्लिप में, कर्मचारी का कहना है कि उसे ₹13,000 प्रति माह की सैलरी का वादा किया गया था, लेकिन एक महीने से अधिक काम करने के बाद, उसके खाते में केवल ₹3,800 ही आए।
कर्मचारी ने HR से की बातचीत
इस समस्या से परेशान होकर, कर्मचारी ने HR विभाग से संपर्क किया और बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, और लोग इस पर बहस कर रहे हैं कि इस स्थिति के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
A video circulating on social media alleges that a fresher employed at Nirvasa Telecom Pvt. Ltd. in Moti Nagar was promised a salary of ₹13,000 but allegedly received only ₹3,800 after working for more than a month.
The viral post further claims that the management reacted in… pic.twitter.com/CzaO0DzDnA
— Hate Detector
(@HateDetectors) June 28, 2026
कर्मचारी ने सैलरी के बारे में सवाल उठाए
सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के अनुसार, यह घटना दिल्ली के मोती नगर में एक प्राइवेट कंपनी में हुई। वायरल वीडियो में, कर्मचारी बार-बार पूछ रहा है कि उसकी पूरी सैलरी क्यों नहीं आई।
जैसे ही बातचीत शुरू होती है, HR प्रतिनिधि उससे रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए कहता है। कर्मचारी का कहना है कि जब उसने पहले इस मुद्दे को उठाया था, तो उसे बस इतना कहा गया था कि 'अब कुछ नहीं किया जा सकता।' इसके बाद, HR एग्जीक्यूटिव बिना कोई जानकारी दिए वहां से चला जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
साथी ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की
बाद में वीडियो में, एक अन्य कर्मचारी बीच में आता है और बहस को शांत करने की कोशिश करता है। वह बताता है कि सैलरी से जुड़े निर्णय केवल HR विभाग नहीं लेते, बल्कि इसमें अकाउंट्स और फाइनेंस टीमें भी शामिल होती हैं।
वह कर्मचारी को शांत रहने और सही तरीके से मामले को सुलझाने की सलाह देता है। हालांकि, कर्मचारी जोर देकर कहता है कि वह दोपहर 1 बजे से स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहा था और यह जानने की कोशिश कर रहा था कि वादा की गई सैलरी के बजाय इतनी कम राशि क्यों आई।
वायरल वीडियो पर इंटरनेट पर बहस
इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। कई यूजर्स ने कर्मचारी का समर्थन करते हुए कहा कि जब भी सैलरी में अंतर हो, कंपनियों को तुरंत और स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पेरोल के मामलों में कई विभाग शामिल होते हैं और केवल HR टीम पर दोष डालना उचित नहीं है।
फिलहाल, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है, और इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

(@HateDetectors)