दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का आत्महत्या मामला: जानें पूरी कहानी
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव का दुखद अंत
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा में अपने निवास पर आत्महत्या कर ली। 6 सितंबर को उनके शव को नोएडा के सेक्टर 82 स्थित घर में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने आत्महत्या का कारण स्पष्ट किया।
राकेश मेहता का करियर
राकेश मेहता, जो 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी थे, ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में तीन साल से अधिक समय तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2007 में यह पद ग्रहण किया और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। इसके अलावा, उन्होंने MCD में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
परिवार और घटना का विवरण
राकेश मेहता की पत्नी, सुमंती मेहता, उस समय देहरादून में अपने बेटे के पास थीं। राकेश मेहता मूल रूप से देहरादून के निवासी थे और पिछले पांच वर्षों से नोएडा के सेक्टर-82 में रह रहे थे। उनकी पत्नी भी दिल्ली कैडर की IAS अधिकारी रह चुकी हैं। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा पीएचडी कर रहा है और एक बेटी लंदन में रहती है।
घटना के दिन, सुमंती ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद, उन्होंने सोसाइटी के गार्ड को उनके फ्लैट पर भेजा। जब गार्ड अंदर गया, तो उसे राकेश मेहता का शव पंखे से लटका हुआ मिला।
सुसाइड नोट की जानकारी
सुसाइड नोट में राकेश मेहता ने स्पष्ट किया कि वह अपनी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थे। उन्हें हाइपरटेंशन, उच्च रक्तचाप, शुगर और हाथ-पैर कांपने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। इस नोट में उन्होंने मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उल्लेख करते हुए आत्महत्या का निर्णय लेने की बात कही है।
