दिल्ली के होटल में आग: मालिक ने किए चौंकाने वाले खुलासे
दिल्ली में होटल आग की घटना
नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लरिश होटल में बुधवार को लगी भीषण आग के संबंध में गिरफ्तार मालिक लवकेश बजाज ने पुलिस के सामने कुछ चौंकाने वाले तथ्य प्रस्तुत किए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जब होटल में आग लगी थी, तब लवकेश बजाज अपनी कार से उसी इमारत के पास से गुजर रहा था। लेकिन लोगों की मदद करने या पुलिस को सूचित करने के बजाय, वह डर के मारे वहां से भाग गया। उसने स्वीकार किया कि हादसे के बाद वह अपने घर नहीं गया और पूरे दिन शहर में इधर-उधर भटकता रहा।
इस दुखद घटना में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का सहारा लिया जा रहा है।
‘दिल्ली में सब चलता है’ कहकर किए अवैध बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, बजाज ने अपनी रक्षा करते हुए सभी आरोप दूसरों पर डालने की कोशिश की। उसने कहा कि वह होटल का प्रबंधन नहीं करता था, बल्कि यह काम किसी और के जिम्मे था। होटल में अवैध रूप से कमरों की संख्या बढ़ाने और तोड़फोड़ करने की सलाह भी उसे किसी ने दी थी। बजाज के अनुसार, सलाह देने वाले ने कहा था कि ये सब सामान्य है और दिल्ली में सब चलता है। इसी लापरवाही के कारण, जहां केवल 6 कमरों की अनुमति थी, वहां 24 कमरों का होटल चलाया जा रहा था।
दिल्ली पुलिस ने होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है
हादसे की प्रमुख वजहें
• सेंसर गेट में खराबी: आग लगने पर होटल का ऑटोमेटिक सेंसर वाला मुख्य गेट बंद हो गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला।
• चिमनी जैसा हालात: वेंटिलेशन की कमी और खिड़कियों के बंद होने के कारण पूरी पांच मंजिला इमारत चंद सेकंड में चिमनी बन गई।
• सिर्फ एक संकरा रास्ता: आपातकालीन निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी, केवल एक संकरी सीढ़ी थी।
• सुरक्षा उपकरणों की स्थिति: होटल में लगे स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम पूरी तरह से खराब थे।
• सिलेंडरों का भंडार: ग्राउंड फ्लोर पर भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर रखे गए थे, जिनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था।
फिलहाल, 15 लोग अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
