दिल्ली कोर्ट ने CJP नेताओं को दी जमानत, जंतर मंतर पर तिरंगा लहराने का मामला
दिल्ली में CJP नेताओं की रिहाई
दिल्ली के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों को दो दिन की न्यायिक हिरासत के बाद कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उनकी रिहाई का निर्णय लिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने जंतर मंतर पर तिरंगा फहराया, जो कि धरना प्रदर्शन के लिए गैर अधिसूचित स्थान है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है.
पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग
दिल्ली पुलिस ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में तीन दिन और न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। दोनों नेताओं को बुधवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, और उनके जमानतदारों ने आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
गिरफ्तारी का कारण
जंतर मंतर अब धरनास्थल नहीं माना जाता है, और पुलिस ने इसे धरना प्रदर्शन के लिए गैर अधिसूचित कर दिया है। इस निर्णय के खिलाफ, आशुतोष रांका और सौरभ दास अपने समर्थकों के साथ तिरंगा लहराने पहुंचे थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि दोनों ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है.
हाई कोर्ट में मामला
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत के मामले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई के परिणाम का इंतजार करें। यदि वहां से अनुकूल निर्णय नहीं मिलता है, तो वे हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं.
