Newzfatafatlogo

दिल्ली कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाले में नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी नेता लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने कुछ आरोपियों को बरी भी किया है। इस मामले में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जिसमें ईडी और सीबीआई की जांच शामिल है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के फैसले के पीछे की कहानी।
 | 

दिल्ली कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

दिल्ली: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी के नेता लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात लोगों को बरी करने का भी निर्देश दिया है।


जिन लोगों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर शामिल हैं। बरी किए गए व्यक्तियों में राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्निया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलस्यान, राजीव रेलान और अभिषेक फाइनेंस शामिल हैं।



कोर्ट ने 13 फरवरी को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। 28 जनवरी 2019 को ईडी द्वारा दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को नियमित जमानत दी गई थी, जिसमें एक-एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी गई थी। 19 जनवरी 2019 को सीबीआई द्वारा दर्ज केस में भी लालू यादव को नियमित जमानत मिली थी। 13 अक्टूबर 2025 को रेलवे टेंडर घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया गया था।


कोर्ट ने 17 सितंबर 2018 को ईडी द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। आरोप है कि लालू यादव ने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और इन होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किए थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल को ट्रांसफर कर दिया गया था।