दिल्ली जल बोर्ड मामले में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी: जानें पूरी कहानी
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को एक बार फिर से गिरफ्तार किया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता को दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित मामले में हिरासत में लिया गया है। उनके साथ पांच अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें तीन व्यवसायी शामिल हैं। इनमें से एक प्रमुख नाम राज कुमार कुर्रा है, जिसकी कंपनी देशभर में सक्रिय है और कई प्रतिष्ठित कंपनियों और संस्थाओं की क्लाइंट है। आरोप है कि जैन और उनके सहयोगियों ने इस कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया।
गिरफ्तारी का कारण
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का कारण यह है कि जिस समय यह मामला सामने आया, वे दिल्ली के जल मंत्री थे। इस मामले में 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार विरोधी कानून, 1988 के तहत FIR दर्ज की गई थी, जो विजिलेंस की शिकायत पर आधारित थी। विजिलेंस ने आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए जारी किए गए टेंडरों में अनियमितताएं पाई गईं।
अन्य गिरफ्तारियां
सत्येंद्र जैन के अलावा, उस समय दिल्ली जल बोर्ड के CEO रहे IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, दिल्ली जल बोर्ड के लिए संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव को भी ACB ने हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए तीन व्यवसायियों में यूरोटेक के मालिक राज कुमार कुर्रा, AN एंटरप्राइजेज के नागेंद्र यादव और सृजनहार के पंकज वर्मा शामिल हैं।
Euroteck Environment का परिचय
राज कुमार कुर्रा की कंपनी Euroteck Environment प्राइवेट लिमिटेड है। वह चार कंपनियों में पार्टनर, एक में मैनेजिंग डायरेक्टर और अन्य कंपनियों में डायरेक्टर हैं। राज कुमार ने रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में भी काम किया है। Euroteck की स्थापना अक्टूबर 2008 में हुई थी और यह हैदराबाद में रजिस्टर्ड है।
यूरोटेक के क्लाइंट
Euroteck कंपनी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और चलाने का कार्य करती है। यह विभिन्न सरकारी संस्थाओं और नगर निगमों के लिए सेवाएं प्रदान करती है। इसके क्लाइंट में फार्मा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां जैसे सन फार्मा, सिप्ला, और रिलायंस शामिल हैं। सरकारी क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड, GHMC, और इसरो जैसी संस्थाएं भी Euroteck की सेवाएं लेती हैं।
