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दिल्ली दंगों में IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या: ताहिर हुसैन को उम्रकैद

दिल्ली में हुए दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह मामला तब चर्चा में आया जब अंकित की हत्या के बाद उनके पिता ने FIR दर्ज कराई थी। इस लेख में हम जानेंगे कि अंकित शर्मा कौन थे, उनकी हत्या कैसे हुई, और ताहिर हुसैन की संलिप्तता के बारे में। क्या सबूत मिले और गवाहों ने क्या कहा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा


नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच लोगों को शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह हत्या इतनी बर्बरता से की गई थी कि अदालत ने इसे जघन्य अपराध करार दिया। आइए जानते हैं अंकित शर्मा के बारे में और उनकी हत्या के संदर्भ में क्या हुआ।


अंकित शर्मा की हत्या का समय

अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को अपने घर से सामान लेने निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए। उनके परिवार ने उस दिन उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। दरअसल, इसी दिन उत्तर-पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच भयंकर दंगे भड़क गए थे। इन दंगों में 53 लोगों की जान गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इसी दौरान अंकित की हत्या कर दी गई।


अंकित की हत्या का तरीका

पुलिस के अनुसार, एक हिंसक भीड़ ने अंकित को खींचकर ले जाकर बेरहमी से उनकी हत्या की। उनकी लाश को एक नाले में फेंक दिया गया था। अंकित को 51 बार चाकू मारा गया था। अगले दिन पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया। अंकित के पिता रविंदर कुमार ने 26 फरवरी 2020 को इस मामले में FIR दर्ज कराई थी।


ताहिर हुसैन की संलिप्तता

दिल्ली पुलिस की जांच में पाया गया कि ताहिर हुसैन का मकान दंगाइयों का मुख्य ठिकाना बना हुआ था। पुलिस ने कई सबूत पेश किए हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं।


पिता की शिकायत

अंकित के पिता ने FIR में आरोप लगाया कि ताहिर हुसैन के मकान से लगातार पत्थर, पेट्रोल बम और गोलीबारी हो रही थी, और इसी दौरान उनके बेटे की हत्या हुई।


गवाहों के बयान

पुलिस ने कई चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिन्होंने कहा कि ताहिर हुसैन घटनास्थल पर मौजूद थे और भीड़ को उकसा रहे थे। इन बयानों को अदालत में पेश किया गया।


फॉरेंसिक सबूत

पुलिस ने ताहिर हुसैन की इमारत की छत से बड़ी मात्रा में पत्थर, पेट्रोल बम बनाने की सामग्री और अन्य वस्तुएं बरामद की हैं, जो हिंसा की पूर्व तैयारी का संकेत देती हैं।


कॉल रिकॉर्ड

जांच एजेंसियों ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूत भी अदालत में पेश किए, जिन्हें अभियोजन पक्ष ने साजिश और घटनास्थल पर उपस्थिति से जोड़ा।