दिल्ली दंगों में आईबी अधिकारी की हत्या: ताहिर हुसैन सहित पांच दोषी ठहराए गए
दिल्ली दंगों में हत्या का मामला
नई दिल्ली: 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को हत्या और दंगा भड़काने का दोषी पाया है। इसके अलावा, चार अन्य आरोपियों- अनस, कासिम, नाज़िम और जावेद को भी आईपीसी की धारा 302 (हत्या) सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया गया है। ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने पर वह अदालत में फूट-फूटकर रोने लगा।
अंकित शर्मा की लाश का पता कैसे चला?
यह मामला फरवरी 2020 में दिल्ली में भड़के दंगों से संबंधित है। मृतक अंकित शर्मा के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया था कि 25 फरवरी 2020 को अंकित अपनी ड्यूटी से घर लौटने के बाद किसी काम से बाहर गए थे, लेकिन काफी समय तक वापस नहीं आए। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, तब स्थानीय लोगों ने बताया कि अंकित की हत्या कर दी गई है और उनका शव चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंका गया है। पुलिस ने उसी नाले से अंकित का शव बरामद किया।
साजिश का खुलासा
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस हत्या को अंजाम दिया। वारदात के समय सभी आरोपी ताहिर हुसैन के कार्यालय में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से अंकित की लाश को नाले में फेंक दिया गया। इस मामले में अदालत ने 23 मार्च 2023 को ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इन सभी पर घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने, दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाए गए थे, जिसमें अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
