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दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को मिली सजा, अंकित शर्मा की हत्या का मामला

दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है। इस मामले में चार अन्य आरोपियों को भी दोषी पाया गया है। ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित किया गया था। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और दिल्ली दंगों में हुई घटनाओं के बारे में।
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ताहिर हुसैन को कोर्ट ने दोषी ठहराया

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर हुसैन को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी पाया। इस मामले में ताहिर हुसैन के साथ चार अन्य आरोपियों नाजिम, काज़िम, जावेद और अनस को भी दंगों से संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है.


आम आदमी पार्टी ने किया निलंबित

दिल्ली दंगों में नाम आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। यह घटना 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई थी, जब आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की गई थी। एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह ने ताहिर हुसैन समेत 11 आरोपियों के मामले की सुनवाई की और उनमें से पांच को दोषी ठहराया.


दोषों की सूची

कोर्ट ने ताहिर हुसैन को वैमनस्य फैलाने, दंगा करने, मारपीट, आपराधिक बल प्रयोग और हत्या के आरोपों में दोषी पाया। यह मामला अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार की शिकायत पर दयालपुर थाने में दर्ज एफआईआर से संबंधित है.


अंकित शर्मा की हत्या का विवरण

रवींद्र कुमार के अनुसार, अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 को अपने कार्यालय से घर लौटे थे और उसके बाद लापता हो गए। जब परिवार ने उन्हें खोजना शुरू किया, तब स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर दी गई है और शव चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंका गया है. बाद में अंकित का शव नाले से बरामद किया गया.


हत्या का आरोप

रवींद्र कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या ताहिर हुसैन और अन्य लोगों ने की थी। शिकायत में कहा गया है कि ये लोग कथित तौर पर हुसैन के दफ्तर में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को ठिकाने लगा दिया था. इस मामले में नाम आने के बाद ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी ने निलंबित कर दिया था.


दिल्ली दंगों में हुई मौतें

दिल्ली दंगों में 53 लोगों की जान गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो दंगा करने, घातक हथियारों के साथ दंगा करने, समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं.