दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन कवच-14.0: 16 ड्रग तस्करों की गिरफ्तारी और 32 किलो गांजा बरामद
विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ऑपरेशन कवच-14.0 के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस अभियान में 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं और 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 32.161 किलोग्राम गांजा, 89.77 ग्राम स्मैक, 9.8 ग्राम कोकीन और 6.62 ग्राम एमडीएमए जैसे मादक पदार्थों की बड़ी मात्रा बरामद की है। इसके साथ ही, एक ऑटो, एक स्कूटी, एक मोबाइल फोन और मादक पदार्थों की बिक्री से जुड़े 1,450 रुपए भी जब्त किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, पश्चिमी जिला पुलिस ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत नशा तस्करी के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया। एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड (एएनएस), स्पेशल स्टाफ और विभिन्न थाना पुलिस की टीमों ने खुफिया सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की।
इस दौरान 13 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए और 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ऑपरेशन के सबसे बड़े मामले में पंजाबी बाग थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने चार आरोपियों—मिथुन कुमार, विक्रम कुमार, संजय यादव और मोहम्मद रिजवान—को गिरफ्तार किया। इनके पास से 23.160 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
राजौरी गार्डन थाना क्षेत्र में एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने राम कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6.62 ग्राम एमडीएमए और एक ऑटो बरामद हुआ। स्पेशल स्टाफ ने राजौरी गार्डन में संडे नामक आरोपी को 9.8 ग्राम कोकीन और एक स्कूटी के साथ पकड़ा। इस ऑपरेशन के दौरान तिलक नगर, पंजाबी बाग, ख्याला और विकासपुरी थाना क्षेत्रों में स्मैक तस्करी के चार अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ, जिसमें कुल 89.77 ग्राम स्मैक बरामद की गई और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कमर्शियल मात्रा वाले मामलों के अलावा, पश्चिमी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गांजा तस्करी के कई अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें सीता पर 9, रविकांत उर्फ चिब्बी पर 18 और गुरमेल पर 30 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पश्चिमी जिला पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कवच-14.0 के तहत नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सभी मामलों में आगे की जांच की जा रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी की जा सके।
