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दिल्ली पुलिस कांस्टेबल से 24 लाख रुपये की ठगी: आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली में एक महिला कांस्टेबल के साथ 24 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। विक्रांत तोमर नामक आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को अमीर व्यापारी बताकर महिला का विश्वास जीता और पैसे ठगे। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान कर रही है और आरोपी के वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में।
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दिल्ली में ठगी का मामला


दिल्ली में एक महिला कांस्टेबल के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। विक्रांत तोमर नामक व्यक्ति को 24 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने इंस्टाग्राम पर खुद को एक सफल व्यापारी बताकर महिला का विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से पैसे लिए। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी ने महिला को शादी का झांसा देकर भी ठगा।


सोशल मीडिया पर दोस्ती और ठगी

पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपनी अमीर छवि प्रस्तुत की थी। महंगी गाड़ियों और शानदार जीवनशैली से जुड़े वीडियो के माध्यम से उसने महिलाओं को आकर्षित किया। इसके बाद, उसने दोस्ती बढ़ाकर उनका भरोसा जीता और विभिन्न बहानों से पैसे मांगने लगा। महिला कांस्टेबल ने अपनी बचत के अलावा लगभग 12 लाख रुपये का कर्ज भी लिया, जिससे कुल ठगी की राशि 24 लाख रुपये तक पहुंच गई। पुलिस अब पैसे के लेनदेन और उसके उपयोग की जांच कर रही है।


बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े खाते

इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। आरोप है कि ठगी की रकम में से लगभग 8 लाख रुपये 1x.com बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। पुलिस इन खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे का प्रवाह कैसे हुआ और इसमें अन्य लोग शामिल थे या नहीं। आरोपी के खिलाफ दिल्ली में पहले से ही ठगी के पांच मामले दर्ज हैं।


आरोपी की गिरफ्तारी

मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने विक्रांत तोमर को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र से हुई है और उसकी उम्र 23 वर्ष है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरीके से अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया था। वर्तमान में, पुलिस की जांच तीन मुख्य पहलुओं पर केंद्रित है: ठगी की कुल राशि का पता लगाना, बैंक खातों के माध्यम से पैसे के लेनदेन की जांच करना और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करना।