दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ीं: स्वतंत्र भारद्वाज का विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी से उठे सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन समाप्त हो चुका है, लेकिन इस दौरान दिल्ली पुलिस के व्यवहार ने सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। आज दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में सीजीपे के नेता, सांसद चंद्रशेखर आजाद, कांग्रेस की कानूनी टीम, निशु आजाद और उनके पिता स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहुंचे। घंटों की चर्चा के बाद, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी का आश्वासन दिया और अब स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने बीजेपी की स्थिति को और भी कठिन बना दिया है।
स्वतंत्र भारद्वाज का विवादास्पद बयान
स्वतंत्र भारद्वाज, जो खुद को सनातनी बताते हैं, ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए हैं। उनके एक पॉडकास्ट में उन्होंने दावा किया था कि जंतर-मंतर पर एक व्यक्ति का सिर फोड़ दिया था, और उस व्यक्ति की बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की गुहार लगाती रही, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कपिल मिश्रा उन्हें बचाने के लिए फोन करते हैं और उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पीएम मोदी को भी अपना बड़ा भाई बताया। इस बयान के बाद बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
लाल किले से राष्ट्रपति भवन तक न्योता
स्वतंत्र भारद्वाज के प्रारंभिक जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह बिहार से हैं और पढ़ाई के लिए दिल्ली आए थे। इसके बाद वह हिंदू राइट एक्टिविस्ट बन गए और विवादों में घिर गए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें स्वतंत्र भारद्वाज बीजेपी और एनडीए के नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। उन्हें जून 2024 में पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भी मिला था। इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय ने स्वतंत्र भारद्वाज को स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 के लिए भी न्योता दिया था। पवन खेड़ा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कट्टा इस्तेमाल करने की धमकी देने वाले व्यक्ति को यह पहुंच कैसे मिलती है।'
बीजेपी की बढ़ती मुश्किलें
स्वतंत्र भारद्वाज अब बीजेपी के लिए एक नई चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने अपने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा है कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा उनके बड़े भाई हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती। उनकी तस्वीरें बीजेपी के नेताओं और बिहार के सीएम सम्राट चौधरी, सांसद मनोज तिवारी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ भी सामने आई हैं। उनके धमकी भरे वीडियो के कारण उनकी कड़ी आलोचना हो रही है और लोग उन्हें गुंडा कह रहे हैं। अब ये वीडियो बीजेपी के लिए एक बड़ी समस्या बन गए हैं, और विपक्ष लगातार बीजेपी पर गुंडों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है।
