दिल्ली पुलिस ने CJP विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं के खिलाफ उठाया कदम
दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। मंगलवार को, पुलिस ने चार प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को नोटिस भेजकर भड़काऊ और फर्जी सामग्री को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भेजा गया नोटिस
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने Facebook, Instagram, X और YouTube को आधिकारिक नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि CJP के विरोध के दौरान इन प्लेटफार्मों पर हजारों फर्जी पोस्ट, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और डीपफेक सामग्री वायरल हुई। पुलिस का कहना है कि इस सामग्री ने गलत सूचना फैलाई और माहौल को बिगाड़ा।
नोटिस में पहचानी गई सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ समाचार पोर्टल भी इस गलत जानकारी को फैलाने में शामिल पाए गए हैं। पुलिस विभिन्न स्थानों से मिली शिकायतों की जांच कर रही है और प्रदर्शन से संबंधित फेक न्यूज के कई मामलों पर कार्य कर रही है।
CJP का आंदोलन और सरकार के साथ समझौता
यह घटनाक्रम CJP द्वारा 25 जुलाई को अपने 36 दिन के आंदोलन को समाप्त करने के कुछ दिन बाद सामने आया है। आंदोलन तब समाप्त हुआ जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। केंद्र सरकार ने CJP की मुख्य मांगों को मान लिया था।
इन मांगों में मंत्री का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेना, प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार शामिल थे। सरकार ने कानूनी सलाह के बाद समझौते का लिखित ड्राफ्ट देने पर भी सहमति जताई थी।
SC से मिली अंतरिम राहत, CJP की नई चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को छात्रों को अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया कि 18 साल से कम उम्र के हिरासत में लिए गए और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को रिहा किया जाए।
साथ ही, जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर CJP के प्रदर्शन से संबंधित FIR में कोई कठोर कार्रवाई न करने का आदेश भी दिया गया। लेकिन CJP ने आज फिर चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार FIR वापस लेने और दंडात्मक कार्रवाई न करने का वादा पूरा नहीं करती, तो देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू होगा।
CJP ने आरोप लगाया है कि SC के अंतरिम आदेश का उपयोग छात्रों के खिलाफ केस जारी रखने के लिए किया जा सकता है। सोमवार को सरकार के साथ देर रात बैठक के बाद पार्टी ने स्पष्ट किया कि उन्हें लिखित आश्वासन चाहिए कि कोई नई FIR नहीं होगी। पुलिस अब सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए है ताकि आंदोलन के नाम पर कोई नई अफवाह या भड़काऊ वीडियो वायरल न हो।
