Newzfatafatlogo

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को विदेशी फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को विदेशी फंडिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने FCRA रजिस्ट्रेशन में मदद करने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। गृह मंत्रालय ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति की पुष्टि की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और FCRA के महत्व के बारे में।
 | 

गृह मंत्रालय के अधिकारियों की गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से विदेशी फंडिंग से संबंधित एक मामले में गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने FCRA रजिस्ट्रेशन में सहायता करने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। दोनों अधिकारी कथित तौर पर एक संगठन से FCRA रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अवैध धन की मांग कर रहे थे।


अधिकारियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में एक वरिष्ठ लेखाकार और दूसरा लेखाकार शामिल है। इनमें से एक अधिकारी वर्तमान में गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिविजन में कार्यरत है, जबकि दूसरा अधिकारी पे एंड अकाउंट्स ऑफिस में तैनात है, लेकिन पहले वह भी फॉरेनर्स डिविजन में काम कर चुका है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक संगठन से संपर्क कर FCRA रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए बड़ी रिश्वत मांगी।


गृह मंत्रालय की भूमिका

गृह मंत्रालय ने इस मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी थी, जिसके बाद इन अधिकारियों को 28 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि अधिकारियों ने रिश्वत के रूप में कोई धन नहीं लिया, लेकिन उन्होंने संगठन से पैसे की मांग की थी।


जांच की प्रगति

गृह मंत्रालय के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि दोनों अधिकारी कुछ संस्थाओं के संपर्क में थे। आरोप है कि वे इन संस्थाओं के FCRA रजिस्ट्रेशन और उसके नवीनीकरण में सहायता के लिए संपर्क कर रहे थे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरी जानकारी जांच के आगे बढ़ने पर ही सामने आएगी।


भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। इस मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि FCRA से संबंधित सभी सेवाएं ऑनलाइन FCRA पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं। किसी भी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को FCRA की सेवाओं में मदद करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।


FCRA का महत्व

FCRA, यानी फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट, 2010 एक ऐसा कानून है जो विदेश से मिलने वाले चंदे या आर्थिक सहायता को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में कार्यरत संस्थाएं विदेशी धन को निर्धारित नियमों के अनुसार प्राप्त करें और इसका उपयोग देश के हितों के खिलाफ न हो। विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्थाओं को FCRA के नियमों का पालन करना आवश्यक है और आवश्यकतानुसार रजिस्ट्रेशन या अनुमति लेनी पड़ती है। इसी अनुमति के लिए एक संगठन ने आवेदन किया था, जिसके लिए इन अधिकारियों ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की।