दिल्ली पुलिस ने चुराई गई गाड़ियों के गिरोह का किया पर्दाफाश
गिरोह का खुलासा
दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी से गाड़ियां चुराकर पंजाब में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से चोरी की गई दो क्रेटा गाड़ियां भी बरामद की हैं। यह गिरोह दिल्ली से लेकर पंजाब तक फैला हुआ था और गाड़ियों पर नकली नंबर प्लेट लगाकर उन्हें बेचता था।
कैसे शुरू हुई जांच?
इस गिरोह का पता तब चला जब 14 अक्टूबर को मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर से एक सफेद हुंडई क्रेटा कार चोरी हुई। पीड़ित की शिकायत पर राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में e-FIR दर्ज की गई।
पुलिस की कार्रवाई
राजेंद्र नगर थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। 16 अक्टूबर को एक सूचना के आधार पर पुलिस ने अमृतसर के जंडियाला गुरु में छापेमारी की। वहां से शमशेर नामक पहले आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक काली क्रेटा कार मिली। इस कार को BNSS की धारा 106 के तहत जब्त कर लिया गया।
दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
पूछताछ के दौरान शमशेर ने अपने साथी रिंकू उर्फ रिंकी का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन अमृतसर से रिंकू को भी गिरफ्तार कर लिया। रिंकू की निशानदेही पर चोरी की गई सफेद क्रेटा कार भी बरामद की गई।
गिरोह का नेटवर्क
आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय दिल्ली-NCR के क्षेत्रों से अच्छी स्थिति में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद, वे उन गाड़ियों पर नकली नंबर प्लेट लगाते थे ताकि उन्हें पकड़ना मुश्किल हो। इसके बाद, गाड़ियों को पंजाब में अपने साथी हरप्रीत उर्फ हनी के माध्यम से बेचा जाता था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य खरीदार हरप्रीत उर्फ हनी की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से और भी चोरी की गई गाड़ियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
