दिल्ली मास्टर प्लान-2047: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विकास का नया दृष्टिकोण
दिल्ली के विकास की नई दिशा
नई दिल्ली - दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने कहा कि दिल्ली के सुनियोजित और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली को लंबे समय से जिस मास्टर प्लान का इंतजार था, वह अब जनता के सामने है, और यह राजधानी क्षेत्र के लिए एक खुशी का क्षण है।
दिल्ली मास्टर प्लान-2047 का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप है। यह योजना राजधानी की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की दिशा निर्धारित करेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर समन्वय से दिल्ली के विकास को नई गति मिल रही है, और यह मास्टर प्लान इसी सहयोग का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
आबादी और आवास की चुनौतियाँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि इसका भू-क्षेत्र सीमित है। लगभग 1,484 वर्ग किलोमीटर में फैली दिल्ली को बढ़ती जनसंख्या, परिवहन, प्रदूषण, आवास और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मास्टर प्लान-2047 में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास की योजना बनाई गई है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र, अनधिकृत कॉलोनियां, आवासीय क्षेत्र और झुग्गी बस्तियां शामिल हैं।
नए आवासों का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या की आवासीय जरूरतों को पूरा करना मास्टर प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्ष 2047 तक दिल्ली की जनसंख्या लगभग 3.20 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए 30 से 40 लाख नए आवास विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती आवास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान-2047 में झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ की सोच के अनुसार, दिल्ली सरकार और डीडीए के सहयोग से झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास के प्रयास किए जाएंगे।
परिवहन और कनेक्टिविटी में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि मास्टर प्लान-2047 में मेट्रो, बस, आरआरटीएस और अन्य परिवहन साधनों के विकास पर जोर दिया गया है। दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर करने की योजना है।
व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय बाजारों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
नियमों का सरलीकरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि मास्टर प्लान-2047 का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य जटिलताओं को कम करना है। विभिन्न उपयोगों की श्रेणियों को घटाकर 45 तक सीमित किया गया है, जिससे विकास प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके।
नई अर्थव्यवस्था के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान में डेटा सेंटर, इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल पार्क और स्टार्टअप हब जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को शामिल किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है।
केंद्र के सहयोग से विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य के अनुरूप दिल्ली को भी तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी है। मास्टर प्लान-2047 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
