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दिल्ली में 10 साल की बच्ची का अपहरण, रेप और हत्या: पुलिस ने 7 घंटे में आरोपी को पकड़ा

दिल्ली के महरौली में 10 साल की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पुलिस ने बच्ची के पिता की महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर मात्र 7 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने बच्ची का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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दिल्ली में 10 साल की बच्ची का अपहरण, रेप और हत्या: पुलिस ने 7 घंटे में आरोपी को पकड़ा

दिल्ली में नाबालिग के अपहरण और हत्या का मामला

दिल्ली में नाबालिग का मामला: दिल्ली के महरौली में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, बलात्कार और हत्या की घटना ने सभी को झकझोर दिया है। यदि बच्ची के पिता ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी होती, तो यह मामला इतनी जल्दी सुलझ नहीं पाता। जानकारी के अनुसार, बच्ची का अपहरण उस समय हुआ जब वह अपने माता-पिता के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। सभी परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे, लेकिन पिता ने जो कुछ भी याद रखा, वह पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बन गया। इसके आधार पर, पुलिस ने केवल सात घंटे में आरोपी को पकड़ने के लिए नौ टीमों का गठन किया।


पिता की सूचना ने बढ़ाई पुलिस की सक्रियता

पिता ने क्या बताया?

पिता ने पुलिस को बताया कि बच्ची का अपहरण एक पीली नंबर प्लेट वाली सफेद वैगनआर कार के चालक ने किया था। यह जानकारी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।


आरोपी की योजना और गिरफ्तारी

कैब ड्राइवर बबलू की साजिश:

पुलिस ने बताया कि बासु सिंह उर्फ बबलू ने अपने छिपने की योजना पहले से बना रखी थी। घटना के दिन, वह महरौली में अपनी नियमित पिकअप के लिए आया था। जब उसने बच्ची को देखा, तो उसने अपनी योजना में बदलाव किया और करीब 45 मिनट तक बच्ची पर नजर रखी। इसके बाद उसने बच्ची का अपहरण किया, बलात्कार किया और हत्या कर दी। बबलू ने अपने फोन को बंद कर दिया, यह सोचकर कि इससे वह पुलिस से बच जाएगा, लेकिन उसके कैब के डिजिटल फुटप्रिंट ने उसे पकड़ने में मदद की।


पुलिस की तत्परता और तकनीकी सहायता

ज्वाइंट सीपी ने बनाई 9 टीम्स:

जैसे ही पुलिस को बच्ची के अपहरण की सूचना मिली, ज्वाइंट सीपी विजय कुमार ने आरोपी को पकड़ने के लिए नौ टीमों का गठन किया। इन टीमों ने घटना के आसपास के क्षेत्र की डिजिटल मैपिंग की और सक्रिय कैब ड्राइवरों के फोन का पता लगाया। एक सीसीटीवी कैमरे में सफेद कार की छवि मिली, जिससे पुलिस ने आगे की जांच की।


आरोपी की गिरफ्तारी और शव की बरामदगी

एक गलती से गिरफ्तारी:

जैसे-जैसे समय बीत रहा था, पुलिस को बच्ची की जान की चिंता थी। आरोपी के भाई का पता चलने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। तकनीकी सहायता से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाया और उसे पश्चिम दिल्ली के विकासपुरी से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय, आरोपी ने कैब बुकिंग के लिए फोन ऑन किया था, जिससे वह पकड़ा गया। हालांकि, शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।