दिल्ली में CJP आंदोलन: अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, लेकिन लड़ाई जारी
अभिजीत दीपके की स्वास्थ्य स्थिति
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे आंदोलन के दौरान, संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत अचानक खराब हो गई है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बावजूद, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता।
सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी निगरानी
संसद मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए, दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने संसद मार्ग और उसके आस-पास की सुरक्षा को और सख्त कर दिया है। अतिरिक्त लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा जांच को बढ़ा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, चेहरा पहचानने वाली तकनीक से लैस वाहनों की तैनाती भी की गई है, ताकि आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जा सके।
प्रधानमंत्री का हस्तक्षेप
बातचीत के बाद माहौल में बदलाव
इस बीच, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत की पहल के बाद, प्रदर्शन स्थल पर भीड़ में कमी आई है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद वार्ता शुरू होने से शुक्रवार को जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय रोड और संसद मार्ग पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में कमी आई।
अभिजीत दीपके का संदेश
समर्थकों से अपील
भीड़ में कमी के बावजूद, अभिजीत दीपके और CJP के अन्य नेताओं ने मंच से प्रदर्शनकारियों का उत्साह बनाए रखने का प्रयास किया। दीपके ने समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की और आशंका जताई कि प्रशासन रात में उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास कर सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी
पुलिस ने लिया कन्हैया कुमार को हिरासत में
इस दौरान, कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। संसद मार्ग पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और किसी बड़े टकराव की स्थिति नहीं बनने दी।
दूसरी ओर, CJP द्वारा किए गए राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के आह्वान का अपेक्षित असर नहीं दिखा। संगठन ने छात्र समूहों और समर्थकों से देशभर में प्रदर्शन करने की अपील की थी, लेकिन केवल कुछ चुनिंदा शहरों में ही भीड़ जुटी। फिलहाल, दिल्ली में आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
