दिल्ली में IAS अधिकारी के बेटे पर महिला के साथ मारपीट और बलात्कार की कोशिश का आरोप
दिल्ली में गंभीर आरोप
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 क्षेत्र में एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी है कि जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अश्विनी कुमार के बेटे अन्वय कृष्णा ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की। पीड़िता की मां का कहना है कि दोनों के बीच पिछले एक साल से संबंध थे, लेकिन जुलाई से उनके बीच विवाद चल रहा था। यह घटना 26 सितंबर की रात लगभग 11:30 बजे हुई, जब अन्वय महिला के घर में घुस आया।
पीड़िता की स्थिति
महिला की मां ने बताया कि उस समय उन्हें बुखार था और वह सो रही थीं। जब मेड ने शोर की सूचना दी, तो वह कमरे में गईं और वहां उनकी बेटी बाथरूम में बेहोश पाई गई। उसकी हालत गंभीर थी, चेहरे पर सूजन थी, पैरों से खून बह रहा था, और उसके बाल खींचने तथा थप्पड़ मारने के निशान थे.
अन्वय पर गंभीर आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि अन्वय ने उसका फोन छीन लिया और फीस के लिए रखे लगभग एक लाख रुपये भी ले गया। उसने एसिड डालने और बलात्कार की धमकी भी दी। परिवार का कहना है कि उसने गला दबाने और बलात्कार की कोशिश की। पीड़िता की मां ने कहा कि जब उन्होंने सीआर पार्क थाने में शिकायत दर्ज करवाई, तो पुलिस ने पहले रसीद नहीं दी और कहा कि सुबह जानकारी मिलेगी.
डॉक्टर की रिपोर्ट
पीड़िता की मां:-
डॉक्टर हिमांशी, जो गायनेकोलॉजिस्ट हैं, ने कहा कि इस लड़की के साथ असॉल्ट हुआ है, और उन्होंने इसकी रिपोर्ट पूरी तरह से स्पष्ट की है। मैं न्याय की मांग कहां करूं?
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
महिला की मां ने आरोप लगाया कि परिवार ने फोन की लोकेशन भी बताई, लेकिन फिर भी फोन नहीं मिला। उनका कहना है कि अधिकारी पिता के प्रभाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शिकायत मिल गई है और जांच जारी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी.
AAP का बयान
AAP नेता सौरभ भरद्वाज ने कहा, 'एक मां का अनुरोध है, इसे वायरल करें। सीनियर IAS अश्वनी कुमार के बेटे ने ग्रेटर कैलाश में उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया और उसका गला घोंटने की कोशिश की। बीजेपी की दिल्ली पुलिस IAS अश्वनी कुमार के प्रभाव में आकर FIR दर्ज नहीं कर रही है। यह स्पष्ट है कि अश्वनी कुमार, LG विनय सक्सेना और अमित शाह का करीबी व्यक्ति रहा है। हम सभी पर धिक्कार है जो हम एक दशक से बीजेपी के भ्रष्टाचार को सहन कर रहे हैं।'
