दिल्ली में अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर नगर निगम की कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के आदेश पर अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, निगम ने ऐसे भवनों को ध्वस्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को सील करने का कार्य शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अवैध इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा जाए और इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
6 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच, दिल्ली नगर निगम ने सभी 12 जोन में 1,046 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान 282 संपत्तियों को सील किया गया और 47 खतरनाक इमारतों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई अवैध निर्माण और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
सभी 12 जोन में कार्रवाई का विवरण
इस अवधि में नरेला जोन में 62, रोहिणी में 158, सिविल लाइंस में 63, केशवपुरम में 61, सिटी एसपी जोन में 87, करोल बाग में 85, शाहदरा साउथ में 87, शाहदरा नॉर्थ में 115, वेस्ट जोन में 87, नजफगढ़ में 45, सेंट्रल जोन में 75 और साउथ जोन में 121 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इसी दौरान, विभिन्न जोनों में 282 संपत्तियों को सील किया गया। खतरनाक इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 47 इमारतें ध्वस्त की गईं।
सीमापुरी में असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई
सीमापुरी में हाल ही में हुई एक इमारत ढहने की घटना के बाद, संबंधित एजेंसियों ने एक असुरक्षित इमारत को ध्वस्त किया। इसके अलावा, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) ने तीन अन्य मकानों को नोटिस जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भवन निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित करना और नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले निर्माणों पर समय रहते कदम उठाना है।
