दिल्ली में अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 725 एफआईआर और 730 गिरफ्तारियां
दिल्ली सरकार की सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली - दिल्ली में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी को रोकने के लिए आबकारी विभाग ने अपनी प्रवर्तन गतिविधियों को तेज कर दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अप्रैल से अगस्त 2026 तक, विभाग ने अवैध शराब के मामलों में 725 एफआईआर दर्ज की हैं और 730 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 197 वाहनों को भी जब्त किया गया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है और इस दिशा में एक प्रभावी आबकारी नीति भी तैयार की जा रही है।
निगरानी और प्रवर्तन की बढ़ती गतिविधियाँ
आबकारी विभाग के अनुसार, दिल्ली की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां 70 से अधिक छोटे-बड़े प्रवेश मार्ग हैं, जिनसे अवैध शराब की तस्करी की संभावना बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, विभाग की प्रवर्तन शाखा लगातार निगरानी रखती है और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती है।
पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी कार्रवाई
वित्त वर्ष 2025-26 में इसी अवधि के दौरान, विभाग ने 315 एफआईआर दर्ज की थीं और 312 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस वर्ष, प्रवर्तन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें 725 एफआईआर और 730 गिरफ्तारियां शामिल हैं। इसके साथ ही, 2.20 लाख बोतल अवैध शराब भी बरामद की गई है। लाइसेंस प्राप्त परिसरों में नियमों के उल्लंघन के मामलों में भी कार्रवाई की गई है।
त्योहारी सीजन में विशेष निगरानी
आबकारी विभाग ने त्योहारी सीजन के मद्देनजर प्रवर्तन गतिविधियों को और बढ़ाने की योजना बनाई है। विभाग का लक्ष्य अवैध शराब के कारोबार में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और वैध माध्यमों से शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकारी निगमों द्वारा संचालित खुदरा दुकानों और अन्य बिक्री केंद्रों के माध्यम से बॉन्डेड शराब की आपूर्ति की जाएगी।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार अवैध शराब के कारोबार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एक नई आबकारी नीति पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करना और शराब के कारोबार का जिम्मेदार नियमन करना है। त्योहारों के दौरान दिल्लीवासियों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए वैध शराब की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाना सरकार की प्राथमिकता है।
