दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट में बदलाव: ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक बढ़ने की संभावना
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट में प्रस्तावित बदलाव
दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट में बदलाव: दिल्ली में कृषि भूमि की सरकारी कीमतों में महत्वपूर्ण परिवर्तन की योजना बनाई जा रही है। लगभग 18 वर्षों से लागू मूल्यांकन प्रणाली को बदलने के लिए नए प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली में कृषि भूमि का प्रस्तावित सर्किल रेट ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक हो सकता है। अन्य जिलों में यह दर ₹2.25 करोड़ से ₹3.5 करोड़ प्रति एकड़ तक हो सकती है। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सर्किल रेट जमीन की रजिस्ट्री के समय सरकारी मूल्यांकन और स्टांप ड्यूटी की गणना का आधार बनता है। यदि ये प्रस्तावित दरें लागू होती हैं, तो कृषि भूमि की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री की लागत पर प्रभाव पड़ेगा।
18 वर्षों बाद सर्किल रेट में परिवर्तन
दिल्ली में कृषि भूमि के लिए ₹53 लाख प्रति एकड़ की पुरानी दर लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। अगस्त 2023 में दिल्ली सरकार ने कृषि भूमि की दरों में संशोधन की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासनिक अड़चनों के कारण नई व्यवस्था को लागू करने में कठिनाई आई। दिसंबर 2025 में भी कृषि भूमि के सर्किल रेट को फिर से संशोधित करने की योजना का उल्लेख किया गया था। अब केंद्र और दिल्ली सरकार के स्तर पर प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है। इस प्रक्रिया में जमीन की लोकेशन, आसपास का विकास, गांवों की श्रेणी और वास्तविक संपत्ति लेनदेन को ध्यान में रखा जाएगा।
₹5 करोड़ तक बढ़ सकता है सर्किल रेट
दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली में कृषि भूमि का प्रस्तावित सर्किल रेट ₹5 करोड़ प्रति एकड़ तक हो सकता है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में यह दर ₹3.5 करोड़ प्रति एकड़ प्रस्तावित है, जबकि उत्तर, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में लगभग ₹3 करोड़ प्रति एकड़ की सिफारिश की गई है। दक्षिण-पूर्व दिल्ली में भी प्रस्तावित दर ₹3 करोड़ प्रति एकड़ बताई गई है। मध्य दिल्ली में यह लगभग ₹2.5 करोड़ प्रति एकड़ हो सकती है। पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली और शाहदरा के लिए लगभग ₹2.25 करोड़ प्रति एकड़ की दर प्रस्तावित की गई है। हालांकि, गांवों की श्रेणी, ग्रीन बेल्ट, शहरीकृत गांवों और जमीन की स्थानीय स्थिति के अनुसार अलग दरें निर्धारित की जा सकती हैं।
बाजार में कीमतें ₹2 करोड़ से ₹15 करोड़ तक
सरकारी मूल्यांकन और बाजार में जमीन की वास्तविक कीमत के बीच बड़ा अंतर इस संशोधन का एक प्रमुख कारण है। नवंबर 2025 में संपत्ति लेनदेन के नमूनों में कुछ कृषि भूमि की कीमत लगभग ₹2.6 करोड़ से ₹15 करोड़ प्रति एकड़ से अधिक दर्ज की गई। दक्षिण दिल्ली के छतरपुर और आसपास के फार्महाउस क्षेत्रों में जमीन की कीमतें लगभग ₹5 करोड़ से ₹8.5 करोड़ प्रति एकड़ बताई गई हैं। नजफगढ़ में विभिन्न जमीन श्रेणियों के अनुसार कीमतें ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ तक पहुंचने की जानकारी है। नई दिल्ली के कुछ महंगे इलाकों में इससे भी अधिक कीमतों का उल्लेख किया गया है।
किसानों की मांग: ₹10 करोड़ प्रति एकड़
दिल्ली पंचायत संघ ने कृषि भूमि का सर्किल रेट बढ़ाकर ₹10 करोड़ प्रति एकड़ करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा सरकारी मूल्यांकन जमीन की वास्तविक कीमत और किसानों की आर्थिक जरूरतों के अनुरूप नहीं है। किसान संगठन ने नई दरें लागू होने तक कृषि भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने और मुआवजे से जुड़े मामलों की समीक्षा की भी मांग की है। हालांकि, सर्किल रेट और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को एक ही चीज नहीं समझना चाहिए। सर्किल रेट मुख्य रूप से संपत्ति के सरकारी मूल्यांकन और रजिस्ट्री से जुड़ा है, जबकि अधिग्रहण का मुआवजा संबंधित कानून और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होता है।
